तिलकधारी महाविद्यालय द्वारा छात्र नियमावली 2012 का पालन नहीं करने पर विद्यार्थियों ने रोष प्रकट किया है। साथ ही नाराज छात्रों ने सोमवार को समाज कल्याण अधिकारी को पत्रक सौंपा।
जिसमें कालेज प्रशासन पर शासनादेश के बावजूद समिति का गठन कर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों का नि:शुल्क दाखिला नहीं लेने का आरोप लगाया है।
मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। तिलकधारी महाविद्यालय के उपाध्यक्ष मनीष यादव व गौरव सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की एक अति महत्वपूर्ण शासनादेश छात्र नियमावली 2012 में स्पष्ट कहा गया
था कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के छात्रों का प्रवेश महाविद्यालय द्वारा समिति का गठन कर नि:शुल्क दाखिला लेने का प्राविधान किया गया था, लेकिन तिलकधारी महाविद्यालय द्वारा ऐसा नहीं किया गया। इसकी शिकायत प्राचार्य डा.
राकेश सिंह से की गई। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण अधिकारी को पत्रक सौंप कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। पत्रक देने वालों में शुभम प्रकाश सिंह, रोशन कुमार मिश्रा, शनी श्रीवास्तव, हर्षित सिंह, आशुतोष यादव, शशिकांत सिंह आदि रहे।