जौनपुर। बीएड में प्रवेश की स्थिति ठीक नहीं है। बीएड में प्रवेश के बाबत काउंसिलिंग के लिए छात्र नहीं आ रहे हैं। काउंसिलिंग के बगैर ही छात्र प्रवेश के लिए एडवांस बुकिंग कराकर सीटें सुरक्षित करा ले रहे हैं।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर और गाजीपुर जिले में संचालित 193 बीएड कॉलेजों में से एडेड महाविद्यालयों को छोड़कर निजी महाविद्यालयों में प्रवेश अभी भी काफी कम हो रहे हैं। कुछ काॅलेजों में 40 से 45 फीसदी सीटों पर छात्र प्रवेश ले चुके हैं। जो छात्र प्रवेश परीक्षा में अर्हता हासिल कर चुके हैं, वे अपने नजदीक के कॉलेजों में चक्कर लगा रहे हैं। जौनपुर के 64 और गाजीपुर के 129 महाविद्यालयों में करीब 16 हजार सीटों पर प्रवेश होना है। एक जून को ही बीएड में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित हुई थी। इसके बाद परिणाम भी घोषित हो चुका है। प्रवेश परीक्षा के बाद काउंसिलिंग शुरू भी हो गई है। प्रवेश परीक्षा कराने वाले बुंदेलखंड विवि झांसी की ओर से काउंसिलिंग का कार्यक्रम जारी किया जा चुका है। प्रथम चरण की काउंसिलिंग 30 जुलाई से 25 अगस्त तक थी। 12 सितंबर से 25 सितंबर तक सीधे प्रवेश शुरू हो रहा है। निजी कॉलेजों को उम्मीद है कि उनकी सीटें भर जाएंगी। प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छात्र बीएड कॉलेजों में संपर्क कर अपनी सीटें बुक करा ले रहे हैं। कॉलेजों की फीस अलग-अलग है। कहीं 50 हजार में दाखिला ले लिया जा रहा है तो कहीं 45 हजार में ही दाखिला तय हो जा रहा है। कॉलेजों में सीटें सीमित हैं और दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या अच्छी खासी है। यही कारण है कि छात्र अपना दाखिला सुनिश्चित कराने में जुटे हैं। कागजात लेकर कॉलेज एडवांस में भी बुकिंग कर रहे हैं। रामदेव महाविद्यालय सिरौली मीरगंज के प्राचार्य डाॅ. अरुण कुमार यादव ने बताया कि एडवांस बुकिंग के लिए छात्र संपर्क कर रहे हैं। प्रवेश के लिए उनका कागज जमा कराया जा रहा है।