इस दौरान आदित्य ने बताया था कि उसका कोटा में मन नहीं रहा है। मां ने घर आने के लिए सलाह भी दी थी, लेकिन किसी को क्या पता की घर आने से पहले ही वह मौत को गले लगा लेगा। दोपहर बाद करीब तीन बजे मां ने फिर से फोन किया तो आदित्य ने फोन नहीं उठाया। थोड़ी देर बाद सूचना मिली की उसकी खुदकुशी की सूचना मिली। इसके बाद तो परिवार में कोहराम मच गया।
आदित्य की मां बेसुध हो गई। वहीं भाइयों समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। आदित्य का बड़े भाई दीपक दिल्ली की एक कंपनी में इंजीनियर हैं। आदित्य पढ़ने में होनहार था इसलिए उसके पिता उसे डॉक्टरी की पढ़ाई की तैयारी के लिए कोटा भेजे थे। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग शव लेने के लिए कोटा रवाना हो गए। होनहार बेटे की मौत की सूचना से गांव में भी मातम है।