जौनपुर। भारत सरकार के नवगठित सहकारिता मंत्रालय द्वारा सहकार से समृद्वि की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से जनपद स्तर पर गठित डिस्ट्रिक्ट कोआॅपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी (डीसीडीसी)की बैठक शनिवार की देरसायं कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा कि सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर सुदृढ कर मजबूत करने की जरूरत है। सहकारी समितियों से जुडे़ कृषकों, सदस्यों व ग्रामीण जन समुदाय एवं समितियों को सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक छत के नीचे प्राप्त होगा। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ राणनीति तैयार की गई।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अमित पांडेय ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी डाटा बेस पोर्टल पर प्रथम चरण में जनपद की 208 प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (पैक्स), 224 दुग्ध सहकारी समितियों तथा 14 मत्स्यजीवी सहकारी समितियों का आधारभूत फीड किया जा चुका है। इस डाटा के आधार पर जिन ग्राम पंचायतों में समितियां नहीं है, उन्हें बी-पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों से आच्छादित किया जाएगा। जनपद के 1740 ग्राम पंचायतों में से 373 ग्राम पंचायतों में सहकारिता विभाग, दुग्ध एवं मत्स्य विभाग की सहकारी समितियां स्थापित है। 1367 ग्राम पंचायतों में कोई समिति स्थापित नहीं है। जिलाधिकारी द्वारा सहकारिता विभाग, दुग्ध एवं मत्स्य विभाग को समितियों के गठन की संभावना तलाश कर समितियां गठित करने के लिए कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। बैठक में बी-पैक्स को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए भारत सरकार की पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन योजना के संबंध में सभी सदस्यों को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी द्वारा पैक्स की सभी समितियों को भू-राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराए जाने के लिए तहसील स्तर के अपर जिला सहकारी अधिकारी को तहसील स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया।