श्रीराम जानकी मंदिर से करोड़ों रुपये की अष्टधातु की मूर्ति चोरी की घटना को लेकर सोमवार को लोग सड़क पर उतर आए। उन्होंने शाम को कस्बे में जौनपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई।
एसडीएम और सीओ ने 15 दिन के अंदर मूर्ति बरामद करने का आश्वासन देकर 6:30 बजे शाम को जाम समाप्त करवाया। कोतवाली से सटे लोहामंडी स्थित रामजानकी मंदिर से शनिवार की रात में बदमाशों ने ताला तोड़कर करोड़ों रुपये की
अष्टधातु की मूर्तियां उठा ले गए थे। इसके पूर्व 26 अक्तूबर को भी इसी मंदिर से बदमाश अष्ट धातु की लक्ष्मण जी की मूर्ति चुरा लिया था। लेकिन पुलिस सुस्त बैठ गई और मंदिर का सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया। जिसकी वजह
से चोरों ने दोबारा करोड़ों रुपये की मूर्ति चुराकर चलता बने। इसके विरोध में कस्बे के लोगों ने सड़क पर चौकी रख कर शाम चार बजे भजन कीर्तन शुरू कर जाम लगा दिया। जाम समाप्त कराने कोतवाल पहुंचे लेकिन लोग उनकी एक न सुने।
उच्च अधिकारियों के बुलाने की मांग पर लोग अड़े रहे। एसडीएम राकेश गुप्ता और सीओ माया राम वर्मा ने लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास किया। लेकिन लोग नहीं मान रहे थे।
उनकी मांग थी कि चोरी की गई मूर्तियां बरामद की जाए। दरोगा अरविंद यादव को हटाया जाए। 15 दिन के अंदर कार्रवाई का आश्वासन देकर अधिकारियों ने जाम समाप्त करवाया।
इस मौके पर ओम प्रकाश जायसवाल, अजीत कुमार आर्य, कैलाशनाथ, अनिल मोदनवाल, देवी प्रसाद जायसवाल, अशोक मोदनवाल, अर्पित जायसवाल, शर्वेश चंद्र, गोपाल, रामकुमार अग्रहरि, प्रेमनारायण जायसवाल, उमेश चंद्र, विजय, सर्वेश चौरसिया आदि मौजूद थे।