धान की नर्सरी के लिए सांडा धान की रोपाई करते किसान।
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मौसम को देखते हुए किसानों ने सांडा धान की रोपाई शुरू कर दी है। महगावां गांव के सभाजीत गौतम गुरूवार को धान की नर्सरी साण्डा की तैयारी पर जुट गए। उन्होंने बताया की सोनम और गंगा कावेरी धान की साण्डा की तैयारी की जा रही है।
इस वर्ष मौसम ठीक ठाक दिखाई दे रहा है। मानसून के आते ही साण्डा धान की नर्सरी तैयार हो जाएगी। साण्डा धान एक किलो में एक बीघा धान की रोपाई आसानी हो सकती है। प्रति बिगहे साण्डा धान की रोपाई करने से लगभग 12 कुंतल धान की पैदावार हो सकती है।
कम लागत में धान की रोपाई साण्डा प्रक्त्रिस्या से पैदावार भरपूर हो सकती है। इस वर्ष मानसून का लक्षण अच्छा दिखाई दे रहा है। जिससे किसानो को साण्डा धान की रोपाई में उर्वरक खाद कम डालने पर भी अच्छी पैदावार होती है।