जौनपुर। समाजवादी पार्टी की मछलीशहर विधायक डाॅ. रागिनी सोनकर ने बृहस्पतिवार को विद्युत उपकेंद्र के प्रस्ताव की स्वीकृति में देरी पर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जुलाई 2024 में मछलीशहर विधानसभा क्षेत्र के मड़ियाहूं में लो वोल्टेज, बिजली की ट्रिपिंग व ओवरलोडिंग की समस्या से छुटकारा दिलाने लिए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को प्रस्ताव भेजकर 33/11 केवीए क्षमता के विद्युत उपकेंद्र बनवाने की मांग की गई थी। उन्होंने भूमि चिह्नित करने में प्रशासन की लापरवाही पर भी नाराजगी जाहिर की है।
उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि विद्युत उपकेंद्र बनने से 40 गांवों की 2 लाख की आबादी के 20 हजार उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में हो रही ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग, शटडाउन व ब्रेकडाउन की समस्या दूर होगी। इस उपकेंद्र से मछलीशहर व मड़ियाहूं विधान सभा की सीमा से सटे गांव, मडियाहूं ब्लॉक क्षेत्र गांवों और बरसठी ब्लॉक क्षेत्र के करीब 40 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति की जायेगी। इससे बिजली बिल में संशोधन के लिए दर-दर भटक रहे उपभोक्ताओं की भटकन समाप्त होगी जिससे अब उन्हें बिलिंग के लिए दूर नहीं जाना होगा। आम जनता, किसानों व छोटे बड़े व्यापारियों को लाभ मिलेगा। आये दिन असमय बिजली कटौती से जूझ रहे क्षेत्र के लोगों को अंधेरे से छुटकारा मिलेगा। किसानों करे जीवन में खुशहाली आयेगी।
विधानसभा क्षेत्र की जनता कई वर्षों से बिजली की समस्याओं से जूझ रही है। इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए विद्युत उपकेंद्र बनाने का ऊर्जा मंत्री को प्रस्ताव भेजा गया जो अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ। न ही अभी तक प्रशासन द्वारा भूमि चिह्नित की गई, जो सरासर लापरवाही है। सरकार को जनता के हितों से कोई भी लेना-देना नहीं है।-डाॅ. रागिनी सोनकर, विधायक, मछलीशहर