फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं गिरे आशियाने कहीं फसलों को नुकसान

विज्ञापन
महराजगंज में चक्रवाती तूफान से बर्बाद हुई धान की फसल को दिखाता किसान। संवाद - फोटो : JAUNPUR
विज्ञापन
जौनपुर। मानसून के शुरुआती दौर में बारिश नहीं होने की वजह से किसानों ने किसी तरह धान व सब्जियों खेती की। अब हवा और बारिश के चलते धान की फसल गिर गई है और सब्जी की खेती को भी नुकसान की आशंका है। खेती को 15 फीसदी तक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
विज्ञापन

सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश की वजह से गोमती नदी का जलस्तर बढ़कर साढ़े 14 फीट पर पहुंच गया। वहीं खुटहन क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से पानी खेतों तक पहुंच गया है। शाहपुर सानी, अहियापुर, गढ़ा गोपालापुर गांवों के खेतों में गोमती का पानी पहुंच गया है। तटवर्ती गांव कृष्णापुर,उदईपुर दीपी, बीरमपुर, अंगुली, बजरडीहा, आदि गांवो के खेतों के किनारे नदी का पानी लहरा रहा है।
बदलापुर क्षेत्र के शाहपुर सानी गांव में वृजकेश्वर सिंह, रामकेश्वर सिंह, गिरजा शंकर यादव, ताड़केश्धर सिंह, निर्मल चंद्र यादव, विनय नाविक, रामलगन यादव, राम अवध यादव, लालसाहब सिंह, विजय नाथ सिंह आदि किसानों की धान की फसल खेत में गिर गई है। उनका कहना है कि एक बीघा धान की फसल अब तक तैयार करने में छह हजार रुपये की लागत आई है। बारिश के बाद जो हाल है उससे नहीं लगता कि लागत निकल पाएगी। राजाबाजार के उदयभानपुर कोल्हुआ, चरियाही, राजपुररूखार, चारो गांव, खुटहन इलाके के बीरमपुर, कपसिया, उसरोली, मखदुमपुर, मरहठ, पनौली में धान की फसल गिर गई है।
विज्ञापन

पानी निकासी नहीं होने से ग्रामीण किया प्रदर्शन
सिंगरामऊ। बछुआर गांव में मुख्य मार्ग से जलनिकासी का प्रबंध नहीं करने से खफा ग्रामीणों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि दूषित पानी भरा होने से आने-जाने में दिक्कत हो रही है। सड़क पानी से डूबी हुई है। ग्राम पंचायत अधिकारी कभी गांव में नहीं आते। प्रदर्शन करने वालों रामचंद्र मिश्र, सोनू, महादेव,राम अकबाल, राममिलन, पप्पू, अखिलेश आदि लोग रहे। खेतासराय क्षेत्र के मछरहट्टा, कन्या विद्यालय आदि क्षेत्रों में सड़क पर जल जमाव हुआ।
बारिश से गिरे मकान
सुइथाकलां। डीह अशरफाबाद व रुधौली गांव में बारिश से सोमवार रात दो लोगों का मकान गिर गए। केशरी लाल अग्रहरि रात में खाना खाने के बाद सपरिवार घर के अंदर सोए थे। देर रात उनके मकान का अगला हिस्सा गिर गया। मकान गिरने पर तेज आवाज हुई तो उन्होंने पत्नी-बच्चों सहित भाग कर जान बचाई । रुधौली गांव में भी मंगलवार भोर में सुभाष का कच्चा मकान गिर गया। तहसीलदार शाहगंज महेंद्र सिंह का कहना है कि राजस्वकर्मी को नुकसान के आकलन करने को कहा गया है।
विज्ञापन

.
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें