16- जनता कर्फ्यू के गूलघाट स्थित एक घर में बैठकर टेलिविजन देखते परिवार के लोग।
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जौनपुर। रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास दो पल अपनों के साथ बिताने का मौका नहीं है। समय के अभाव में घरों के तमाम जरूरी काम भी नहीं हो पाते हैं। जनता कर्फ्यू ने 14 घंटे तक घर में रहने का मौका दिया तो लोगों ने इसका भरपूर लाभ उठाया। माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ लोगों ने न सिर्फ इस पल को खुलकर जीया बल्कि भरपूर आनंद भी लिया। कई लोग महिलाओं के काम में हाथ बंटाते भी दिखे।
यह पहला मौका है, जब लोगों को 14 घंटों तक घरों में ही रहने की हिदायत थी। कोरोना के भय से ही सही लोगों ने इसका पालन भी किया। काम-काज की चिंता से बेफिक्र होकर वह पूरी तरह परिवार के साथ रहे। इस वक्त का भरपूर आनंद लेने के लिए लोग तरह-तरह के जतन अपनाते दिखे। कोई बच्चों के साथ लूडो, कैरम, शतरंज सहित अन्य इनडोर गेम खेलने में मशगूल दिखा तो कइयों ने महिलाओं के काम में हाथ बंटाया। साफ-सफाई से लेकर खाना पकाने तक में वह सक्रिय रहे। इसके अलावा भी कोई टीवी, मोबाइल पर व्यस्त रहा तो किसी ने किताबें पढने में वक्त बिताया। केराकत: जनता कर्फ्यू के दौरान घरों में बंद लोगों के लिए एक-एक मिनट भारी रहा। युवा टीवी-मोबाइल से चिपके रहे तो बुजुर्ग पुरानी किताबों में ही नजर गड़ाए रहे। मछलीशहर: नगर के व्यवसायी और भाजपा नेता कृपाशंकर श्रीवास्तव ने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर बाटी-चोखा तैयार करने में दिन बिताया। व्यवसायी राकेश कुमार जायसवाल टीवी देखने और भाइयों के साथ व्यापार से जुड़ी चर्चा में तल्लीन रहे। शैलेश मोदनवाल व्यवसाय के अधूरे काम को पूरा करने के बाद धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन किया। युवा वर्ग खाली मैदानों में क्रिकेट खेलता रहा।
सोशल मीडिया में बस कर्फ्यू की चर्चा
जौनपुर। काम-काज की चिंता से बेफिक्र लोग सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहे। कोरोना वायरस से जुड़े तरह-तरह के पोस्ट साझा कर एक-दूसरे तक जानकारी पहुंचाते रहे। किसी के मैसेज में इस वायरस के खतरे के बारे में बताया गया था तो कोई अफवाहों से बचने के लिए सावधान करता रहा। यही नहीं लोगों ने कर्फ्यू के दौरान अपने आसपास की वीडियो, तस्वीरों को भी साझा कर माहौल की जानकारी दी।