कोतवाली चौराहे के पास हरलालका रोड पर लगी सब्जी की दुकान। इस समय ग्राहक कम आ रहे हैं।
लगन शुरू होते ही महंगाई भी अपना रंग दिखाने लगी है। दूध और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। खाने पीने की वस्तुओं में अचानक हुई कीमतों की बढ़ोत्तरी से लोग परेशान हैं। हालांकि वहीं स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाली सब्जियों के दामों में गिरावट आई है।
दूध और उससे बनने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। मंगलवार को जौनपुर मंडी में दूध 80 से शुरू होकर 100 रुपये लीटर तक बिक गया। खास बात यह कि दोपहर तक दूध की मंडी खाली हो गई। अभी एक सप्ताह पहले इसी मंडी में दूध 40 से 60 रुपये लीटर बिक रहा था।
मंडी में खोवा 360 रुपये किलो तक बिका। जबकि एक सप्ताह पहले खोवा 280 रुपये किलो की दर से बिक रहा था। बाजार में पनीर 380 रुपये किलो और दही 120 रुपये किलो बिक रही है। महंगाई के चलते दूध और उससे बने खाद्य पदार्थ आम आदमी की पहुंच से दूर हो गए हैं।
बाहर से आने वाली सब्जियों के दाम बढ़े हैं। शिमला से आने वाली सेम 200 रुपए किलो की दर से बिक रही है। हरा राजमा 80 रुपये किलो और हरी मटर 80 रुपये से 100 रुपए किलोग्राम है। सफेद बैगन 80 रुपये किलो की दर से बिक रहा है। मूली तीन रुपये पीस और गाजर 40 रुपये किलो है।
शिमला से आने वाली फूल गोभी 40 से 50 रुपये प्रति फूल की दर से बिक रही है।
स्थानीय इलाके से आने वाली सब्जियों के दाम में गिरावट आई है। अभी एक सप्ताह पहले जो भिंडी 40 रुपये किलो बिक रही थी उसकी कीमत 24 रुपये हो गई है। करैला भी 40 से घटकर 28 रुपये किलो तक पहुंच गया है।