शहर के एक चर्चित मिठाई की दूकान का हलवा, रबड़ी और मिठाइयां खाकर छह लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। हालत बिगड़ने पर बीमार लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दो का उपचार निजी चिकित्सालय में कराया गया। फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए लोगों में तीन लोग शहर स्थित राज कालेज के प्रवक्ता हैं।
मंगलवार की रात 11 बजे जिला अस्पताल में उस समय गहमागहमी बढ़ गई, जब फूड प्वाइजनिंग का शिकार होकर एक के बाद एक चार मरीज पहुंच गए। फौरी तौर पर उनका उपचार शुरू किया गया।
सुजानगंज थानाक्षेत्र के डालूपुर लोहिंदा गांव निवासी श्याम सुंदर उपाध्याय (37) शहर के राज कालेज में प्रवक्ता हैं। जिला अस्पताल में उन्होंने बताया कि वह अपने दो अन्य प्रवक्ता साथियों शहर के तारापुर कालोनी निवासी आलोक मिश्र (35) और नई गंज निवासी राजेश त्रिपाठी (45) के साथ शहर की एक मिठाई दूकान में गाजर का हलवा और रबड़ी खाई थी।
मंगलवार का व्रत होने के नाते दिनभर से और कुछ नहीं खाया था। दूकान से घर जाने के तकरीबन ढाई घंटे बाद उल्टी-दस्त शुरू हो गई। साथ में दूकान गए दो अन्य प्रवक्ता साथियों से बात की गई तो पता चला कि उनकी तबीयत भी बिगड़ गई है। इसके बाद घर वाले परेशान हो गए। आनन -फानन तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया।
श्याम सुंदर उपाध्याय को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि उनके दोनों साथियों को निजी अस्पताल में घर वालों ने भर्ती कराया। थोड़ी ही देर में जिला अस्पताल में फैजाबाद के तारुन थाने के टिकरी गांव निवासी मनीष सिंह (31) और गोंडा के रोहित मिश्रा (29) भी फूड प्वाइजनिंग का शिकार होकर पहुंच गए।
उन दोनों लोगों ने भी बताया कि वे भी उसी दूकान की मिठाई खाकर बीमार हुए हैं। मनीष और रोहित मुफ्तीगंज ब्लाक में तैनात हैं। वे दोनों अतिरिक्त मनरेगा अधिकारी हैं और लाइन बाजार में स्थित जसवंत कटरा में किराए का कमरा लेकर अपने एक अन्य साथी अखिलेश गौर के साथ रहते हैं। अखिलेश मुफ्तीगंज ब्लाक में ग्राम पंचायत अधिकारी हैं।
अखिलेश की तबीयत भी खराब हो गई थी। लेकिन जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे छोड़ दिया गया। जबकि तीन लोगाें को भर्ती कर लिया गया। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. एसबी सिंह ने कहा कि यह फूड प्वाइजनिंग के लक्षण हैं। एक मरीज ने जिला अस्पताल में ही 25 बार उल्टी की।