भाई बहन के पवित्र प्रेम का पर्व रक्षाबंधन शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर बहनों ने उनसे रक्षा का वचन लिया।
रक्षासूत्र बंधवाने के साथ ही भाइयों ने बहनों को तोहफे दिए। कहीं बहने राखी बांधने भाइयों के पास गईं तो कहीं भाई बहनों के पास पहुंचे। कुछ बहनों ने जिला कारागार पहुंचकर अपने भाइयों को राखी बांधी।
घरों में रक्षाबंधन की तैयारी एक सप्ताह पहले से ही शुरू हो गई थी। बहनें राखी तो भाई तोहफे खरीदने में व्यस्त रहे। जो महिलाएं ससुराल में थी वह शुक्रवार को ही अपने मायके पहुंच गईं। जो बहने आ नहीं सकीं तो उन्होंने अपने भाइयों के
लिए पार्सल से राखी भेजी। सुबह सजसंवर कर बहनों ने भाईयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी। राखी बांधकर मिठाई खिलाई और रक्षा का संकल्प लिया। भाइयों ने राखी बंधवाने के बाद बहनों को तोहफे दिए। घरों में
तरह-तरह के पकवान बनाए गए थे। राखी बांधने का सिलसिला पूरे दिन चला। हर भाई के माथे पर तिलक और हाथ में राखी नजर आई। घरों में जश्न का माहौल रहा।
कुछ घरों की महिलाओं ने मंदिर जाकर भगवान को राखी अर्पण की। रक्षाबंधन से सड़कों पर मेले जैसा नजारा रहा। राखी और मिठाई की दूकानों पर भीड़ दिखी।