जौनपुर। जिले की सभी तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। इसमें जिला स्तरीय अधिकारियों ने लोगों की फरियाद सुनीं। सभी तहसीलों से 553 मामले आए, इनमें से महज 51 समस्याओं का ही निस्तारण हो सका। इनमें अधिकतर जमीन से जुड़े विवाद रहे।
सदर तहसील में समाधान दिवस में स्वयं डीएम डॉ. दिनेश चंद्र व एसपी डा. कौस्तुभ ने समस्याएं सुनीं। इसमें कुल 71 में से 6 समस्याओं का ही मौके पर निस्तारण हो सका। यहां लाइन बाजार थाना क्षेत्र के शेखपुर गांव निवासी संजय प्रजापति ने डीएम से शिकायत करते हुए कहा कि डीएम साहब..! अपनी जमीन पर कब्जे के लिए 17 साल से चक्कर लगा रहा हूं। खतौनी में राजस्व विभाग के अधिकारियों- कर्मचारियों और विपक्षियों की मिली भगत से रिकॉर्ड में हेराफेरी कर दी गई है। डीएम ने उनकी समस्या सुनी और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
केराकत तहसील में अपर ज़िलाधिकारी राम अक्षयवर चौहान ने समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 138 फरियादियों ने प्रार्थना पत्र दिया। मौके पर 14 का निस्तारण कर दिया गया। मछलीशहर में जॉइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ की अध्यक्षता में कुल 98 शिकायत आईं। इनमें से सिर्फ दो शिकायतों का निस्तारण मौके पर किया गया। मड़ियाहूं में उप जिला अधिकारी कुणाल गौरव ने समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 85 शिकायतें आईं, जिनमें से 8 का मौके पर निस्तारण किया गया। बदलापुर में एसडीएम योगिता सिंह ने समस्याएं सुनीं। इनमें कुल 49 शिकायतें सुनीं और मौके पर 6 समस्याओं का निस्तारण किया गया।
निष्पक्ष रूप से कराएं पैमाइश, मौके पर जा कर करें आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण : जौनपुर। जिलाधिकारी ने समाधान दिवस में सुनवाई के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि आइजीआरएस के निस्तारण में मौके पर जाकर करें।
शिकायतकर्ता से वार्ता करते हुए जियो टैग फोटो भी उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही उन्होंने पत्थर गड्डी उखाड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा है। जिलाधिकारी ने लेखपालों को निष्पक्ष रूप से पैमाइस, अंश निर्धारण करने और आय जाति प्रमाण पत्र में सही रिपोर्ट लगाने का निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसान दुर्घटना में पात्र लाभार्थियों को स-समय लाभ दिलाया जाए। मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित प्रार्थना पत्र किसी भी हाल में लंबित न रहे। जिलाधिकारी ने विस्तार से लेखपाल के दायित्वों को बताया। उन्होंने कहा कि भूलेख नियमावली के अनुसार लेखपालों की पाक्षिक डायरी भरी जाए और डायरी के अवलोकन के उपरांत ही वेतन दिया जाए।पुलिस अधीक्षक ने निर्दशित किया कि राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय के माध्यम से विवादों का निस्तारण कराया जाए।