जौनपुर। मनरेगा योजना के तहत भले ही श्रमिकों को किसी तरह गांवों में ही रोजगार मिल जा रहा है, लेकिन मजदूरी के लिए उनको भटकना पड़ रहा है। करीब 50 हजार मनरेगा श्रमिकों का चार माह से 66 करोड़ 66 लाख 18 हजार 468 रुपये की मजदूरी बकाया है। इससे श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। जिम्मेदारों का कहना है कि शासन स्तर से बजट नहीं आया है। इसलिए समस्या आ रही है।
जिले में मनरेगा कार्डधारकों की संख्या चार लाख 57 हजार 282 है। इसमें से तीन लाख 24 हजार 31 कार्ड धारक सक्रिय है। समय पर मजदूरी दिलाने के लिए सक्रिय कार्ड धारकों के आधार पर कार्ड की फीडिंग कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक चार माह में करीब 50 हजार मनरेगा श्रमिकों के खाते में 66 करोड़ 66 लाख 18 हजार 468 रुपये मजदूरी का पैसा नहीं आया है। आए दिन श्रमिक मजदूरी के लिए प्रधानों के घर चक्कर काट रहे है उधर प्रधान बकाए भुगतान के लिए विकास खंड कार्यालय जिला मुख्यालय का चक्कर काट रहे है। स्कूलों चारदीवारी, अमृत सरोवर, खेल मैदान आदि के निर्माण को लेकर विभाग का काफी जोर है। लेकिन श्रमिकों को मजदूरी न मिलने से निर्माण कार्य में बाधा भी पहुंच रही है।
घर चलाना हुआ मुश्किल-सुइथाकलां के हुसैनाबाद निवासी मनरेगा श्रमिक जग्गू बिंद, सलेमपुर निवासी कृष्ण कुमार ने बताया है बीते चार माह से मनरेगा से मजदूरी नहीं मिली है। ऐसे में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। महराजगंज के केवटली गांव निवासी हिमांशी देवी, ऊषा देवी, ठेंगहा गांव निवासी आशा देवी का कहना है कि उन्हें साढे़ चार माह से मजदूरी नहीं मिली है। बच्चों का पेट पालना भी मुश्किल हो गया है।
इन ब्लॉकों में इतना बकाया -बदलापुर में 63912477 करोड़ रुपये, बक्शा में 25801408, बरसठी में 15301256, धर्मापुर में 8985832, डोभी में 17406362,जलालपुर में 13112328, करंजाकला में 12606092, केराकत में 18683763, खुटहन में 73686785, मछली शहर में 16096554, महराजगंज में 29838737, मडियाहूं में 14557592, मुफ्तीगंज में 42609809, मुंगराबादशाहपुर में 12203493, रामनगर में 61158348, रामपुर में 24375949, शाहगंज में 49887664, सिकरारा में 20012650, सिरकोनी में 41029621, सुईथाकला में 59321744, सुजानगंज में 46030004 करोड़ रुपये मनरेगा श्रमिकों का बकाया है।
शासन से बजट नहीं आने से चार महीने से मनरेगा श्रमिकों का भुगतान बाधित है। दो बार पत्राचार हो चुका है। बजट आते ही सभी श्रमिकों का भुगतान कर दिया जाएगा।- सुशील कुमार, डीसी मनरेगा