मड़ियाहूं के जयरामपुर निवासी नागेश विश्वकर्मा ने मंगलवार रात अपनी पत्नी व तीन बच्चों की हत्या करने के बाद फंदा लगाकर जान दे दी थी। इसको लेकर दो दिनों से गांव के अधिकतर घरों में चूल्हा नहीं जला था। शुक्रवार को तीसरे दिन बाजार में उसके घर के आस-पास की दुकानें खुलीं। गांव में लोगों ने चूल्हे भी जलाएं।
कोतवाली क्षेत्र के जयरामपुर गांव में नागेश विश्वकर्मा के हंसते खेलते परिवार पर न जाने किसकी नजर लग गई कि एक ही झटके में मंगलवार की वह काली रात में नागेश ने अपने परिवार में तीन मासूम बच्चों व पत्नी की जान लेकर खुद को फंदा लगा लिया। बुधवार की सुबह जब घटना की जानकारी हुई तो पूरे गांव में कोहराम मच गया। जयरामपुर बाजार जो करीब 500 मीटर में स्थित है। बृहस्पतिवार की सुबह पूरी तरह से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। हर कोई अपनी दुकान व मकान के सामने बैठकर नागेश परिवार के घटना की बात कर रहा था तो को कोई समाचार पत्रों में क्या छपा है। उसे पढ़ रहा था मगर किसी ने अपनी दुकान नहीं खोली थी। शुक्रवार को स्थिति थोड़ी सामान्य हो गई। तीसरे दिन व्यवसायियों ने अपनी दुकानें भी खोल दी। लोगों ने अपने-अपने घरों का चूल्हा भी जलाया।