महाशिवरात्रि पर सोमवार को शिवालयों में दर्शन-पूजन के लिए आस्थावान उमड़ पड़े। देवालय, शिवालय, मठ दिनभर हर-हर महादेव के जयकारे से गूंजते रहे। सुबह शिवालयों में पूजन-अर्चन के बाद आस्थावानों ने शाम को शिव बारात का दीदार किया। तीसरे पहर में गाजे-बाजे, झांकियों के साथ शिव बारात निकाली गई। प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से भव्य झांकी निकाली गई।
बारातियों में देवगण तो रहे ही राक्षस, भूत, प्रेत, भालू, बंदर, मदारी, सपेरा और नागा, साधु, औघड़ भी शोभा बढ़ा रहे थे। सोमवार को शिवालयों की भव्य सजावट की गई थी। भोर से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का दौरा पूरे दिन जारी रहा। शहर के दाऊ जी के मंदिर, उमेशोनाथ, जोगेश्वरनाथ, मैहर देवी धाम में भारी भीड़ उमड़ी। जल और दुग्धाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ को प्रिय बेर, धतूरा, भांग, गन्ना, जौ, पान, अबीर, मदार, बेलपत्र अर्पित कर पुण्य अर्जित किया।
शिवालयों में रुद्राभिषेक, शिव चालीसा, रुद्र महायज्ञ हुए। महिला एवं पुरुषों ने व्रत रखकर विधि विधान से भोलेशंकर की उपासना की। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिव जी दूल्हा के रूप में रथ पर सवार हुए। देवगणों के साथ बारात में राक्षस, भूत, प्रेत, भालू, बंदर, मदारी, सपेरा और नागा, साधु औघड़ के रूप भी शामिल हुए। गायत्री प्रज्ञा मंडल के तत्वाधान में जज कालोनी में पांच कुंडीय यज्ञ महायज्ञ किया गया।जलालपुर : त्रिलोचन महादेव मंदिर में आधी रात के बाद से ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया था।