सऊदी अरब के शिया धर्म गुरु शेख बाकर अल निम्र समेत कई को सऊदी अरब द्वारा फांसी दिए जाने का शिया समुदाय ने विरोध किया है।
मंगलवार को नकाबपोश महिलाओं ने जामिया बिन्तुल हुदा और दारुल कुरआन निस्वा द्वारा इमामबारगाह में एहतेजाजी जलसा आयोजित किया। इमामबारगाह में ही इमाम चौक तक कैंडल मार्च कर विरोध दर्ज कराया और श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान निकहत रिज़वी ने कहा की आयतुल्लाह निम्र सऊदी अरब की एक जानी-मानी हस्ती थे। जो काफी वर्षो से सऊदी अरब में मनावाधिकारों के हनन के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।
सऊदी अरब के इस शर्मनाक कार्य के चलते आज दुनिया भर में शेख निम्र की हिमायत में एहतेजाजी जलसा किया गया। रक्शनदा मुंसिफ ने कहा कि सऊदी तानाशाह ने मजलूम धर्मगुरु को शहीद करके दरिंदगी का परिचय दिया है।
शेख निम्र को गिरफ्तार हुए तीन साल से अधिक समय हो रहा है और उन्हें सजाये मौत देना खुला अन्याय है। उन्होंने कहा कि सऊदी हुकूमत यह न समझे कि शेख निम्र को फांसी देकर हक की आवाज को दबा देगी।
ज़ाकिरा हुसैनी ने कहा पूरी दुनिया में आतंकवाद फैलाने के लिए डालर मदद देने वाला यही सऊदी अरब है और अमेरिका व इसराईल हैं। सऊदी हुकूमत का इस्लाम से कोई लेना देना नही है।
वह केवल इस्लाम के नाम का नकाब पहने हुए हैं। अगर यह मुसलमान होते तो फिलिस्तीन, यमन, बहरैन, ईराक व सीरिया में हो रहे जुल्म के खिलाफ भी बोलते।
इस मौके पर मोहतरमा शहनाज़, साफिया बेगम, नसरीन फातिमा, शबाना, अफरीन ज़हरा, सबा जैदी, इम्तियाज़ फातिमा, मोजिज़ फातिमा सहित भारी संख्या में महिलाए मौजूद थी।