हिंदू और मुस्लिम धर्म के त्योहारों में लेता है हिस्सा
शाहिद बताते हैं कि राजेपुर त्रिमुहानी से शनिवार को जल लेकर निकला था। 20 किमी बाद त्रिलोचन महादेव के दरबार में भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। यहां से बाबा विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। सोमवार को साठ किलोमीटर चल कर बाबा विश्वनाथ के चरणों में जल अर्पण करके वापस आया। बताया कि वो हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्म के त्योहारों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।
पत्नी शबनम ने भी दिया साथ
शाहिद ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ को जल चढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका पत्नी शबनम ने अदा की। बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर मेरे मन में झिझक थी कि लोग क्या कहेंगे? कहीं कोई मना न करे, कोई विवाद न हो जाए... आदि। पत्नी शबनम ने बहुत समझाया और इस यात्रा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। शाहिद ने कहा कि वे अब हर साल इस यात्रा में शामिल होंगे।