शाहगंज। जिले का शाहगंज क्षेत्र गल्ले के कारोबार के लिए जाना जाता है। यहीं पर हर साल एक ऐसा ऐतिहासिक चूड़ी मेला लगता है जहां पुरुषों की नो इंट्री होती है। यानी इस मेले में केवल महिलाएं ही जा सकती हैं। इस बार यह मेला बृहस्पतिवार से शुरू होगा और धनतेरस तक चलेगा। मेले के लिए तैयारी शुरू हो गई है। दुकानदार अपनी दुकानें लगाना शुरू कर दिए हैं। यहां करीब 100 से अधिक दुकानें लगती हैं और एक करोड़ से अधिक का कारोबार होता है।
मान्यता है कि लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम जब सीता के साथ अयोध्या लौटे तो जनकदुलारी सीता ने यहीं पर अपनी सहेलियों के साथ शृंगार हाट पहुंचकर खरीदारी की थीं। इस स्थल से अयोध्या जनपद की सीमा करीब 60 किमी पड़ती है। जबकि अयोध्या शहर 100 किमी की दूरी पर है। मेला में महिलाओं के लिए शुभ का प्रतीक माना जाता है। इस लिए इसमें महिलाएं खरीदारी के लिए जरूर जाती हैं। रामलीला समिति शाहगंज के अध्यक्ष संदीप जायसवाल बताते हैं मेला काफी पुराना है। यहां करीब 100 दुकानें लगती हैं और एक करोड़ का कारोबार होता है।