गोमती नदी में प्रदूषण का असर अब जलीय जंतुओं पर दिखने लगा है। गुरुवार को गोमती नदी में भारी मात्रा में मछलियां मर गईं। दिन में करीब आठ बजे नदी में मरकर उतराईं मछलियों को बटोरने के लिए भीड़ लग गई।
दोपहर तक मछुआरे उनको बटोरते बटोरते थक गए। जानकारों का मानना है कि पानी में आक्सीजन की कमी के चलते मछलियां मर रही हैं। गोमती नदी में बढ़ते प्रदूषण के चलते पानी में आक्सीजन का कमी हो गई है।
सुबह करीब आठ बजे पानी नदी में गोमती नदी के गोपी घाट पर नदी मे नदी में मरकर उतराई मछलियां देखी गई। पहले तो एक दो चार मछलियां ही दिखी पर देखते ही देखते नदी की बीच धारा से लेकर दोनों किनारो तक मछलियां मरकर
उतरा गई। इसकी सूचना आस पास के इलाकों में पहुंची तो नदी के किनारे मछुआरों की भीड़ लग गई। मरी हुई मछलियंों को लोग मंडी में पहुंचाने लगे। शाम तीन बजे तक नदी के किनारे मछली बटोरने वालों की भीड़ लगी रही।
पर्यावरण विद् डा. डीपी उपाध्याय कहते हैं कि नदी के पानी में केमिकल की वजह से आक्सीजन की कमी के चलते मछलियां मर रही होंगी। वहीं स्वच्छ गोमती अभियान के संयोजक गौतम गुप्ता का आरोप है कि नदी में हनुमान घाट से केमिकल युक्त पानी बहाए जाने की वजह से ऐसा हुआ है।