जौनपुर। बारिश के बाद जिले के अस्पतालों में मलेरिया के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिले में मंगलवार को डेंगू के सात केस मिले। इसके बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में आ गया। गांवों और कॉलोनियों एंटीलार्वा का छिड़काव और जागरुकता अभियान तैयारी शुरू कर दी। सैकड़ों मरीजों के सैंपल एलाइजा जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने पत्र जारी कर डॉक्टरों को रैपिड जांच में रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आने पर मरीजों का एलाइजा जांच कराने का निर्देश दिया है।
तीन माह में सात केस
जिले में डेंगू ने जून में ही दस्तक दे दिया है। जून में एक, जुलाई में और अगस्त में अब तक तीन केस मिल चुके हैं। 2022 में जिले में 1160 केस और 2023 में 860 केस मिले थे। 2024 में अब तक सात केस मिल चुके हैं।
डेंगू के लक्षण -
पेट दर्द , बार-बार उल्टी होना, रक्त उल्टी होना, मल में रक्त आना,
नाक से खून आना, मसूड़ों से खून आना, अत्यधिक थकान, बेचैनी, चिड़चिड़ापन।
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ऐसे करें बचाव
त्वचा को ढककर रखें,
बाल्टी,बैरल, पक्षी दाना-पानी पात्र, पुराने टायर वर्षा का पानी जमा न होने दें। कमरे की खिड़की और दरवाजे को बंद रखें, मच्छरदानी का प्रयोग करें, घर के आसपास एंटी लार्वा का छिड़काव करें।
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वर्जन
जिले में डेंगू के मरीज मिलने शुरू हो गए हैं। जून से अब तक डेंगू के सात मरीज मिले हैं। जिनका इलाज चल रहा है। बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। सभी को जागरूक रहने की जरूरत है।
-डाॅ.सुनील कुमार यादव, जिला मलेरिया अधिकारी।