जौनपुर जिले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री हनुमान सिंह का गुरुवार की रात निधन हो गया। जौनपुर शहर स्थित आवास पर गुरुवार की रात 10:50 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह पिछले एक सप्ताह से बीमार चल रहे थे। 80 वर्षीय हनुमान सिंह के निधन की सूचना मिलते ही जिले में शोक की लहर दौड़ गई । राजकीय सम्मान के साथ गोमती नदी के रामघाट पर उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सपा के झंडे में लिपटे उनके शव को हुसैनाबाद स्थित आवास पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां से शव उनके पैतृक आवास जंगीपुर गांव लाया गया ग्रामीणों के अंतिम दर्शन के बाद शव 10:30 बजे सपा के जिला कार्यालय लाया गया जहां बड़ी संख्या में सपा नेताओं ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
जिले के बक्सा विकासखंड के जंगीपुर गांव के मूल निवासी हनुमान सिंह ने हाईस्कूल से स्नातक तक की पढ़ाई टीडी कॉलेज से की थी। पढ़ाई के दौरान ही वह समाजवादी आंदोलन से जुड़ गए थे। डॉ राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण उनके आदर्श थे। 1967 में उन्होंने भाषा आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
महुलीमेय, जनेश्वर मिश्र, मोहन सिंह, राजनारायण, बृजभूषण तिवारी, मुलायम सिंह यादव सरीखे समाजवादी नेता जब भी जिले में आते थे तो हनुमान सिंह को जरूर खोजते थे। उन्होंने जिले में समाजवादी युवाओं की फौज खड़ी की थी। समाजवादी चिंतक के साथ-साथ वह अच्छे वक्ता और लेखक भी थे। समाजवादी पार्टी के मुखपत्र समाजवादी बुलेटिन में उनके लेख लगातार छपते रहे। वर्ष 2012 में जब प्रदेश में सपा की सरकार बनी तो उन्हें कृषि अनुसंधान एवं राजनीतिक पेंशन निगम का सलाहकार बना गया था।