थानाध्यक्ष सुरेरी राज नारायन चौरसिया ने नोनरा निवासी खरपत्तू पाल पुत्र हरीनाथ पाल और रामपुर निस्फी निवासी महेंद्र पुत्र नरई पटेल की निशानदेही पर पर बैगन के खेत में दफन वृद्धा का शव मजिस्ट्रेट की निगरानी में निकाला था। उस समय काफी दुर्गंध उठ रही थी।
वहीं, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इसकी हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। थानाध्यक्ष के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि वृद्धा की गला कसकर दबाने से मौत हुई है। जांच में यह तथ्य सामने आ रहा है कि आरोपियों ने शव को गलाने के लिए यूरिया और नमक का भी सहारा लिया है। वारदात का कारण साफ नहीं है। फिलहाल पूछताछ चल रही है।
शव दफनाने का राज खुलने के बाद आरोपियों ने पुलिस को झूठी कहानी सुनाई। घटना के बाद थानाध्यक्ष ने बताया था कि हिरासत में लिए गए नोनरा निवासी खरपत्तू पाल पुत्र हरीनाथ पाल और रामपुर निस्फी निवासी महेंद्र पुत्र नरई पटेल ने कहा था कि धर्मा देवी शौच करने के लिए निकली थी।
उनके खेत में लगे विद्युत प्रभावित करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। जिसकी जानकारी होने पर दोनों ने मिलकर उसके शव को पास के एक अरहर की खेत में छिपा दिया था। इसके बाद, नोनरा गांव स्थित खरपत्तू पाल के बैगन के खेत से उसके शव को दफन कर दिया था।