तापमान इन दिनों 42-42 के नीचे नहीं आ रहा है। ऐसे में अति आवश्यकता पड़ने पर बाहर निकल रहे लोगों की पहली पसंद परिवहन निगम की वातानुकूलित बसें बन रही हैं। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि लोग इन बसों में सफर करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, शुक्रवार को जनपद से गुजरने वाली 30 वातानुकूलित बसों में एक भी सीट खाली नहीं रही, जबकि उसी रूट की सामान्य बसें में बड़ी संख्या में सीटें खाली थी।
अप्रैल माह में मई-जून जैसी पड़ने वाली गर्मी का अहसास हो रहा है, क्योंकि तापमान 42-43 से लेकर 45 डिग्री सेल्सियस के बीच में ही बना हुआ है। ऐसे में सुबह नौ-दस बजते-बजते आसमान से मानों आग के गोले गिर रहे हो, जैसा महसूस होता है। वहीं, दोपहर में सड़कों और गलियों में सन्नाटा पसर सा जाता है। लोग अति आवश्यक कार्यों से ही बाहर निकलते हैं, जो बाहर निकलते भी हैं वो गर्मी से राहत पाने की जुगत में लगे रहते हैं। शुक्रवार को जौनपुर डिपो पर देखा गया कि ज्यादातर लोग वातानुकूलित बसों से ही सफर करने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि यह सेवा वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर-प्रयागराज मार्ग पर ही मौजूद थी। िलेकिन, जिन रूटों पर वातानुकूलित बसों की सेवाएं थी, उस रूट की बसों की सीट फुल थी, कईयों में तो सीट पहले से ही फूल थी, जिससे लोगों को मजबूरन सामान्य बसों से सफर करना पड़ा। जौनपुर डिपो के एआरएम विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वाराणसी लखनऊ मार्ग पर 20 वातानुकूलित बसें और गोरखपुर-प्रयागराज मार्ग पर 10 वातानूकिलत बसें संचालित होती हैं, जो फूल जा रही है। अधिकांश बसों में औसतन 10 टिकट पहले से ही लोग आनलाइन रिजर्व करा लेते हैं। जबकि गर्मी के चलते सामान्य बसों में कम भीड़ है।