जौनपुर। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के धर्मापुर ठकुरची गांव निवासी बादल यादव (22) की शुक्रवार की शाम चाकू घोंपकर हुई हत्या के बाद जातीय तनाव बढ़ गया है। इसे देखते हुए दूसरे दिन भी पुलिस हाई अलर्ट पर रही। सुरक्षा की दृष्टि से चार सीओ अपने-अपने सर्किल की फोर्स, भारी संख्या में पीएसी, पुलिस और एसओजी के साथ तैनात रहे। दोपहर में बादल के शव के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
हत्या के बाद हुए उपद्रव के बाद रात करीब 11 बजे तक डीएम मनीष कुमार वर्मा, एसपी अजय कुमार साहनी ने भारी संख्या में फोर्स के साथ रूट मार्च किया था। वहीं, बादल के शव का रात ज्यादा होने और परिजनों के न पहुंचने के कारण पोस्टमार्टम नहीं कराया। ऐसे में शव को एसओजी, पीएसी और पुलिस की निगरानी में रखा गया। शनिवार की सुबह चीर घर पर सपा के जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव पहुंचे। उन्होंने बादल के चचेरे भाई भीम और बहनोई राजेश यादव से जानकारी ली। उनकी मौजूदगी में करीब 12 बजे शव जिला अस्पताल के चीर घर से निकाला गया। दोपहर एक बजे के पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों की मांग पर 1.20 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच धर्मापुर ठकुरची ले जाया गया। जहां कोहराम मच गया। दोपहर 1.55 पर शव को अंतिम संस्कार के लिए राम घाट के लिए लोग लेकर निकल पड़े। इस दौरान केराकत, सदर, मड़ियाहूं और शाहगंज के सीओ, कई थानाध्यक्ष, पीएसी और एसओजी प्रभारी आदेश त्यागी मौजूद रहे। अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान प्रसाद तिराहा, पोस्टमार्टम हाउस, रामघाट पर भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात रही। वहीं, आरोपी शिवम राय उर्फ गोलू के गांव कबिरुद्दीनपुर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। आरोपी के घर पर ताला बंद है।
छह बार घोंपा गया था चाकू
गौराबादशाहपुर। पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षा को लेकर कड़ी व्यवस्था की गई थी। एसओटी, महिला थाना, पीएसी, पुलिस की टीम पोस्टमार्टम हाउस के गेट के आसपास घेरे हुए थी। वहीं, गौराबादशाहपुर थाने के एक दारोगा ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान यह बात सामने आई कि मृत बादल यादव को 6 बार चाकू घोंपा गया था, जो सीने के नीचे आगे और पीठ के साइड से पेट में घोंपा गया था।