निजी अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को विद्यालय दे रहा मात
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सिकरारा ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय इब्राहिमाबाद में दाखिले के प्रति बढ़ा रुझान
शहर के नामी-गिरामी स्कूलों में पढ़ने वाले 20 बच्चों ने यहां कराया दाखिला
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। अंग्रेजी स्कूलों जैसी पढ़ाई और वैसी ही सुविधाएं। वह भी बिल्कुल मुफ्त। न फीस का झंझट और न ही महंगी किताबों और महंगे ड्रेस का बोझ। वाहन किराया, लैब खर्च के नाम पर भी कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं। फिर तो कोई भी अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला ऐसे ही स्कूल में कराना चाहेगा। हो भी यही रहा है। सिकरारा ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय इब्राहिमाबाद में निजी अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का नाम कटाकर यहां दाखिला कराया जा रहा है। इस सत्र में अब तक 20 बच्चों का दाखिला विभिन्न कक्षाओं में हो चुका है।
वर्ष 2012 तक एक खंडहर भवन में तब्दील विद्यालय की स्थिति देख किसी को यह अहसास भी नहीं रहा होगा कि इस विद्यालय में भी कोई पढ़ना चाहेगा। मगर शिक्षकों की मेहनत, लगन और अपने दायित्वों के निर्वहन के प्रति सजगता ने चंद वर्षों में ही इस विद्यालय को अभिनव बनाकर अंग्रेजी स्कूलों के समकक्ष खड़ा कर दिया है। अंग्रेजी माध्यम के इस विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक साढ़े तीन सौ से अधिक बच्चे हैं। डेस्क-बेंच और प्रोजेक्टर पर पढ़ाई जैसी सुविधाओं से लैस विद्यालय में पिछले सत्र में भी कई निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का दाखिला अभिभावकों ने कराया था। इस बाबत अभिभावक कहते हैं कि निजी अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ाई कुछ नहीं हो रही, जबकि फीस वसूलने के हथकंडे हजार अपनाए जाते हैं।
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इन बच्चों ने निजी स्कूल से नाम कटाकर लिया दाखिला:
यश कक्षा-1, हर्ष कक्षा-2, रुही, आयुष यादव, जय यादव कक्षा-3, वैष्णवी शर्मा कक्षा-4, शिवानी, दिव्यांश, रिंसी, आयुष शर्मा कक्षा-5, साहिल यादव, रिया कक्षा-6, अनुुराग शर्मा कक्षा-8 आदि।
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इसलिए बढ़ा रुझान
अभिनव कंपोजिट विद्यालय इब्राहिमाबाद में अंग्रेजी, विज्ञान और गणित जैसे विषयों को भी खेल-खेल में आसानी से समझाने के लिए शिक्षक निरंतर अभिनव प्रयोग कर रहे हैं। रोटरी क्लब के माध्यम से विद्यालय में प्रोजेक्टर लगाया है। प्राथमिक वर्ग में शिक्षक रीना सिंह, अनुराधा मिश्र, आरती साहू, दीपमाला जायसवाल और शिक्षामित्र फौजदार, विजय कला कार्यरत हैं। पूर्व माध्यमिक वर्ग में माधुरी जायसवाल, चंद्रा यादव, नलिनी मौर्य तैनात हैं। शिक्षा में नवाचारों के प्रयोग के लिए शिक्षिका माधुरी को कई सम्मान मिल चुके हैं।
विद्यालय में दाखिले को लेकर सभी शिक्षक अपने स्तर से लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसीलिए अब तक करीब 20 दाखिले हुए हैं। कोशिश रहेगी कि अभिभावकों ने जो भरोसा दिखाया है, उस पर खरा उतरा जाए। - सुनील कुुमार, कंपोजिट विद्यालय इब्राहिमाबाद।