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सावन आज से, शिवालयों में गूजेंगे भोले के जयकारे

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सावन पर्व 25 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसके चलते शनिवार को मंदिरों में साफ-सफाई का कार्य किया गया। हालांकि इस बार दर्शनार्थियों को कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करना होगा।
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सावन में शिव उपासना का काफी महत्व है। सावन सबसे पवित्र माह माना जाता है। इस माह में शिव की पूजा विशेष फलदायक होती है। इस बार सावन में सर्वार्थ सिद्घ योग, जयद योग व रविपुष्य सर्वार्थ सिद्धि का महायोग बनने से सावन का महत्व और भी बढ़ गया है। शिवालयों में साफ सफाई के साथ सजावट का काम शुरू हो गया। दुकानदार भी दुकानें लगाने के लिए स्थान सुरक्षित कर रहे हैं। जलालपुर के त्रिलोचन महादेव, श्री गौरीशंकर धाम सुजानगंज, शंभूगंज के साईंनाथ नाथ, महराजगंज के करसूल नाथ मंदिर में साफ सफाई का काम चल रहा है।
श्रद्धा के साथ सावन मास में शिव की पूजा करने से साधक के कष्ट दूर होते हैं। ज्योतिष एवं तंत्र के आचार्य डॉ. शैलेश मोदनवाल के अनुसार इस बार सावन मास 25 जुलाई शुरू हो रहा है जबकि समापन 22 अगस्त रविवार को होगा। सावन मास में पांच रविवार पड़ रहे है। कृष्ण पक्ष में 5 अगस्त गुरुवार व शुक्ल पक्ष में 20 अगस्त शुक्रवार को प्रदोष व्रत का पावन संयोग मिल रहा है। इसी प्रकार 26 जुलाई , 2, 9 व 16 अगस्त को सोमवार का पावन संयोग बन रहा है। इस बार के सावन में सर्वार्थ सिद्घ योग, जयद योग व रविपुष्यसर्वार्थसिद्धि का महायोग पड़ने से सावन का महत्व बढ़ गया है। 29 जुलाई को सर्वार्थसिद्घ योग के साथ रवियोग जबकि, एक अगस्त को जयद योग, 2 व 4 को सर्वार्थ सिद्घ योग, 7 को शनि रिक्ता समायोग, 8 को रविपुष्यसर्वार्थसिद्ध योग, 14 को सर्वार्थ सिद्घ योग, 18 को रवियोग,19 को जयद योग व 20 व 21 अगस्त को सर्वार्थसिद्घ योग पड़ेगा।
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