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सत्यापन के फेर में सात माह से अटका शिक्षकों का वेतन

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जौनपुर। जिले में कार्यभार संभालने वाले बेसिक शिक्षा विभाग में नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन भुगतान सात माह बाद भी नहीं हो पाया है। उनके दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी न होने से वेतन का भुगतान अटका हुआ है। शिक्षक रोजाना बीएसए कार्यालय और संबंधित विवि का चक्कर काटने को विवश हैं। वहां से उन्हें ठोस जवाब भी नहीं मिल रहा।
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परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती के क्रम में जिले में दो चरणों में कुल 2090 शिक्षकों की भर्ती हुई है। पहले चरण में 1495 शिक्षकों को 17 अक्तूबर 2020 को ज्वाइनिंग कराई गई थी। जबकि दूसरे चरण में 595 शिक्षकों की ज्वाइनिंग पांच दिसंबर 2020 को हुई थी। बीएसए कार्यालय में ज्वाइनिंग के बाद इन शिक्षकों को अलग अलग विद्यालयों में तैनाती भी कर दी गई लेकिन अधिकतर शिक्षकों को अभी तक वेतन नहीं मिला। वेतन के लिए शिक्षक बीएसए कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा कि उनके दस्तावेजों के सत्यापन के लिए संबंधित बोर्ड, विश्वविद्यालय को भेजा गया है। सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद ही वेतन जारी किया जाएगा। अभी तक 395 शिक्षकों को वेतन जारी किया गया है।
इस संबंध में बीएसए का कहना है कि जिन शिक्षकों की हाईस्कूल, इंटर मीडिएट और स्नातक की डिग्री ऑनलाइन है उनका सत्यापन कर वेतन जारी कर दिया गया है। जबकि शेष बचे 1695 शिक्षकों को वेतन देने के लिए उनकी डिग्री के सत्यापन रिपोर्ट का इंतजार है। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी का कहना है कि नव नियुक्त सभी शिक्षकों के शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए संबंधित संस्थानों को भेज दिया गया है। कोविड के चलते सत्यापन रिपोर्ट आने में विलंब हो रहा है। जिन शिक्षकों के दस्तावेजों की सत्यापन रिपोर्ट नहीं मिली है उन्हें वेतन नहीं जारी किया जा सका है।
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