नेवढ़िया। क्षेत्र के सारंगडीह गांव स्थित लौहारदेव बाबा धाम परिसर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा प्रवचन के तीसरे दिन कुशीनगर से आए वशिष्ठ नारायण महाराज ने कहा कि सद्गुरु अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। मानव को समय रहते ही सद्गुरु की शरण में चले जाना चाहिए। जीवन का कोई भरोसा नहीं है। जीवन में हर पल भगवान का नाम सुमिरन करते रहना चाहिए, क्योंकि यही मुक्ति का मार्ग हैं। कहा कि जीवन गुजरने के बाद यदि जीवन जीने का ढंग आए तो फिर इसका क्या फायदा। इसलिए समय रहते ही इस परम सत्य को समझ लेना चाहिए। कहा कि बुरे व्यक्ति का संग कभी नहीं करना चाहिए। इसका परिणाम कभी अच्छा नहीं होता। बुराई का संग करने से हमारे कर्म भी बुरे हो जाते हैं और हमारे प्रारब्धों में कठिनाई आती है। इसलिए सदैव अच्छे विचारों के साथ अच्छे कर्म करते रहना चाहिए। कहा कि भावना और भक्ति के जरिये प्रभु की प्राप्ति संभव है। भगवान शिव संपूर्ण विश्व के गुरु हैं। माता पार्वती के आग्रह पर उन्होंने मानस की कथा सुनाई थी। मानस की कथा मानव को परमात्मा से जोड़ने का सबसे आसान मार्ग है। इस मौके पर ओमकारनाथ दुबे, रामअकबाल दुबे, सुरेंद्र दुबे, दिनकर दुबे, अशोक दुबे, रिंकू दुबे, सूरज दुबे, कृपा दुबे, सिंटू मिश्र, रत्नेश दुबे, अजय दुबे, आशीष दुबे आदि रहे।