हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने के बीच शुक्रवार की देर शाम फैली नमक का भंडारण खत्म होने की अफवाह से लाखों के नमक बिक गए। दूकानदारों को भी नहीं समझ में आ रहा था कि आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया जो ग्राहकों का रेला उनकी दूकान पर चला आ रहा है।
कई इलाकों रात में ही दूकानदारों को जगाकर दूकान खोलवाया गया और लोगों ने देर रात तक नमक की खरीदादारी की। नगर कोतवाली क्षेत्र के उत्तरी इलाके में सब्जीमंडी, पुरानी बाजार, हरलालका रोड, नवाबव यूसूफ रोड, मल्हनी पड़ाव आदि इलाकों में दूकानों पर नमक के लिए उमड़ी भीड़ की सूचना मिलते ही पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की
लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था। हर किसी को लग रहा था कि नमक का भंडारण वाकई खत्म हो रहा है। घर में महीने दो महीने का स्टाक रख लिया जाए। मांग बढ़ी तो दूकानदारों ने भी खूब नाजायज लाभ उठाया। कई स्थानों पर सौ से डेढ़ सौ रुपये किलो तक नमक बिकने की खबर है।
मुंगराबादशाहपुर कस्बे में रातों रात एक ट्रक नमक बिक गया। नाम न छापने की शर्त पर मुंगराबादशाहपुर कस्बे के एक दूकानदार ने बताया कि उनके स्टाक में एक ट्रक नमक था रातों रात बिक गया। यही हाल अन्य किराना के दुकानों पर भी था।
शहर में भी इस कदर लोग रात 11 बजे तक भागते रहे जैसे आपात काल जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई हो। महराजगंज इलाके में भी 70 रुपये किलो तक नमक बिक गया। बरईपार प्रतिनिधि के अनुसार बाजार में 200 रुपये किलो की दर से नमक बिक गया।