फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक करोड़ की डकैती में चार जिलों में दबिश दें रहीं पुलिस !

विज्ञापन
विज्ञापन
चार जिलों में दबिश दें रही पुलिस
विज्ञापन

क्राइम ब्रांच में बैठे हैं भेदिए, अपराधियों को कर रहे सूचनाएं लीक
तीन दिन बाद भी हाथ नहीं लगे सराफ के यहां लूटपाट करने वाले
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। एसपी कार्यालय के पीछे सराफा शोरूम में हुए एक करोड़ से अधिक की डकैती के मामलें में पुलिस चार जिलों में दबिश दें रहीं है। लेकिन लूट में शामिल कोई संदिग्ध बदमाश पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। ऐसे में डकैती की घटना के खुलासे पर संकट के बादल मडराने लगे है। उधर क्राइम ब्रांच में बैठे विभीषणों पर अपराधियों को सूचनाएं लीक करने का शक पुलिस के आला अधिकारियों को है। ऐसे लोग कई वर्षो से क्राइम ब्रांच में ही जमें है। डकैती की घटना में जिन अपराधियों पर पुलिस को शक है।
एक करोड़ पांच लाख 85 हजार की डकैती की घटना को लेकर डीजीपी से लेकर एसपी तक परेशान है। वाराणसी जोन के एडीजी ब्रजभूषण और रेंज के आईजी विजय सिंह मीणा लगातार अपडेट पुलिस टीमों से ले रहें है। उधर पुलिस के विभीषण पुलिस अधिकारियों के मिशन को फेल करने में जुटे है। डकैती की इस घटना में आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, अंबेडकरनगर, वाराणसी के कुछ संदिग्ध बदमाशों के शामिल होने का इनपुट पुलिस अधिकारियों को मिला है। जिसके आधार पर दबिश देकर बदमाशों की तलाश की जा रहीं हैं। सूत्रों की मानें तो लखनऊ एसटीएफ के हाथों मुठभेड़ के दौरान मारा गया मऊ जिले का एक ईनामी अपराधी के भी इस घटना में परोक्ष एवं अपरोक्ष रूप से शामिल होने की चर्चा पुलिस महकमें में दबी जुबान से चल रहीं थीं। जो भी हो डकैती की यह घटना पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। यहीं कारण है कि एडीजी वाराणसी जोन ब्रजभूषण को एक दिन और आईजी विजय सिंह मीणा को दो दिनों तक जिले में कैंप करना पड़ा। पुलिस की कई टीमें दबिश दे तो रहीं है लेकिन बदमाश पुलिस की पकड़ से दूर है। इसके पीछे कारण यह है कि पुलिस से सटिक मुखबिरी बदमाशों की पुलिस में है। डकैती की घटना में भी कोई न कोई पुलिसकर्मी बदमाशों की मुखबिरी कर रहा है। वैसे विभीषण कौन है इसकी पहचान स्पष्ट तौर पर अभी नहीं हो पाई है। लेकिन क्राइम ब्रांच के कुछ सिपाहियों पर शक जरूर है। आईजी विजय सिंह मीणा का कहना है कि जो कोई भी होगा उसकी पहचान कर ली जाएगी। ऐसे लोगों पर शक जरूर है लेकिन कोई ठोस प्रमाण हाथ नहीं लग सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
जेल में बंद अपराधी से बात करने वाले पर नहीं हुई कार्रवाई
जौनपुर। पुलिस के विभीषण क्राइम ब्रांच में भी है। क्राइम ब्रांच का एक सिपाही जेल में बंद एक शातिर लूटेरा बदमाश से बात कर सूचनाएं लीक करता था। इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को भी हुई। लेकिन इस सिपाही पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके पीछे क्या राज है यह तो पुलिस अधिकारी ही बता पाएंगे। आखिर क्या कारण है कि कई सालों से क्राइम ब्रांच में सिपाही जमे हुए है। यहीं नहीं कई बार दबिश के दौरान अपराधियों की धर पकड़ को लेकर ऐसे सिपाही अपना मुखबिर बताकर उसे छुड़ा देते है। जिसको लेकर कई बार आपस में किचकिच हो चुका है। फिर भी अधिकारी चुप्पी साध बैठे हुए है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें