मछलीशहर। हाईवे पर नो पार्किंग जोन में खड़े हो रहे वाहन हादसों का सबब बन रहे है। होटल, ढाबा, पेट्रोल पंप के किनारे वाहन खड़े कर चालक आराम फरमाते हैं और उनके हादसों में लोग जान गंवा रहे हैं। जौनपुर-प्रयागराज हाईवे पर पिछले दो साल में इन वाहनों के कारण 16 मौतें हो चुकी हैं। बावजूद जिम्मेदार इन हादसों को रोकने पर गंभीरता नहीं दिखा रहे। मंगलवार की सुबह सैन्यकर्मी की मौत के बाद इन वाहनों की मनमानी पर फरि से अंकुश लगाने की मांग तेज हो गई है।
जौनपुर-प्रयागराज हाईवे पर कई ऐसे स्थान हैं, जहां अक्सर रात में बड़े वाहन सड़क किनारे ही खड़ा कर दिए जाते हैं। नो पार्किंग जोन होने के बाद भी ट्रक चालक मनमानी से बाज नहीं आते। सड़क किनारे वाहन खड़ा करने के दौरान वह न तो इंडीकेटर जलाते हैं और न ही कोई अन्य सतर्कता बरती जाती है। लिहाजा तेज रफ्तार में आने वाले वाहन अक्सर इनसे टकरा जाते हैं। सर्दी के दिनों में घने कोहरे के दौरान यह हादसे अधिक होते हैं। हर बार इन हादसों पर रोक लगाने के लिए निर्देश जारी होते हैं, लेकिन उनका पालन कराने की कोई सुध नहीं लेता।
लापरवाही ने ले ली जान
14 फरवरी को मां का इलाज करवाकर प्रयागराज से खजुरहट गाव लौट रहे बैंक मैनेजर जयप्रकाश की कार कुंवरपुर गांव में सड़क किनारे खड़ी ट्रेलर में घुस गई थी। हादसे में जयप्रकाश की मौत हो गई थी। 24 दिसंबर को जहासांपुर गांव में सड़क किनारे खड़ी डीसीएम में बाइक घुसने से छाछो गांव निवासी सिद्धांत और रत्नेश की मौत हो गई। चार अगस्त 2018 को रायबरेली हाइवे पर मछलीशहर कोतवाली के निकामुद्दीनपुर गांव के निकट रात दो बजे दर्शनार्थियों से भरी बोलेरो ट्रेलर में घुस गई। हादसे में मनोज पटेल (28), जयप्रकाश (35) व उनकी पत्नी सरिता देवी (33) की मौत हो गई थी। 24 जुलाई 2018 को मरीधाम पुल के पास हाईवे पर खड़े ट्रक से दूसरा ट्रक टकरा गया था, जिसमें शेषमणि सिंह (55) की मौत हो गयी। करीब दो वर्ष पूर्व जौनपुर से लौट रहे मछलीशहर के व्यापारी प्रमोद यादव की कुरनी गांव के समीप हाइवे पर खड़ी ट्रक में बाइक चले जाने से मौत हो गई। शैलपुत्री पेट्रोल पंप के पास हाइवे पर खड़ी ट्रक में रामपुर निवासी दूधनाथ के पुत्र की बाइक घुस गई, जिससे उसकी मौत हो गई। अगस्त 2018 में ही दोहरीघाट डिपो की बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा भिड़ी थी, जिसमें 10 लोग गंभीर रुप से घायल हुए थे।
सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग गलत है। अगर विशेष हाल में ऐसा करना भी पड़े तो कोई संकेतक होना जरुरी है। नियमों की अवहेलना करने वाले ऐसे वाहनों के खिलाफ पुलिस के साथ अभियान चलाकर शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। -एसपी सिंह, एआरटीओ।