जौनपुर। रोडवेज बसों के विधानसभा चुनाव में चले जाने पर बसों की किल्लत हो गई है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस डिपो पर घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लोग डग्गामार वाहनों में मुंहमांगा रकम देकर यात्रा कर रहे है। जौनपुर डिपो की कुल 82 बसें है। इनमें से 52 बसें वर्तमान में विधानसभा चुनाव में ड्यूटी लगी है। 30 बसें जौनपुर डिपो से चल रही है।
एक तरफ शादी सीजन शुरू है। तो दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव जोर पकड़ लिया है। दोनों कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए दूसरे शहरों में नौकरी कर रहे लोग बड़ी संख्या में अपने गांव लौट रहे है। ऐसे में रोडवेज बसों के अभाव में लोगों को डग्गामार वाहनों से मुंहमांगा रकम देकर यात्रा करनी पड़ रही है। भीड़ के समय बसों के गायब हो जाने से यात्रियों की परेशानी प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। दिन तो दिन रात के समय भी बड़ी संख्या में यात्री बसों के अभाव में यहां से वहां भटक रहे है। ऐसी स्थिति का डग्गामारी वाहन खूब लाभ उठा रहे है। यहां तक की डिपो के सामने निजी बसें के चालक सवारी उठा रहे हैै। यात्रियों से मुंहमांगी कीमत लेकर उन्हें समीपवर्ती नगरों-कस्बों तक पहुंचा रहे है। मांगलिक आयोजनों के चलते प्रतिदिन हजारों लोग विभिन्न ट्रेनों से उतर कर सीधे रोडवेज बस स्टेशन पहुंच रहे है। बस स्टेशन परिसर में घंटों खड़े रहने के बाद भी जब लोगों को बस नहीं मिलते तो हार कर आटो व मैजिक वालों को मुंह मांगी कीमत देने को मजबूर हो रहे है। जौनपुर डिपो में कुल 82 बसे है। इनमें से 52 बसें वर्तमान में विधान सभा चुनाव में ड्यूटी लगी है। 30 बसें जौनपुर डिपो से चल रही है। इसके चलते लखनऊ, बदलापुर, सिंगरामऊ, सुल्तानपुर व अन्य जगहों पर जाने वाले यात्रियों को भरी परेशानी हो रही है।
घंटों रोडवेज के इंतजार में खड़े रहे यात्री
जौनपुर। बसें कम होने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। दूरदराज जाने वाले यात्रियों के लिए समय पर बसें न मिलना किसी मुसीबत से कम नहीं है।
शनिवार को दिनेश तिवारी ने बताया कि लखनऊ जाने के लिए करीब दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। समय से बस नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। गोड़ा जिला निवासी संजय सिंह ने बताया कि सुल्तानपुर जाने के लिए दो घंटे से रोजवेज बस की इंतजार में खड़ा हूं। सुल्तानपुर से गोंडा जाना है। लेट होने पर घर पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। कांति, सुनिता, राम इकबाल और अजय का कहना है कि बसें न आने के कारण उन्हें बदलापुर तक जाने के लिए डग्गामार वाहन से यात्रा करनी पड़ रही। अगर बसें चलती हैं तो काफी राहत रहती है। टेंपो, मैजिक और लोडर में बैठकर गंतव्य तक जाना पड़ रहा है।
मांगलिक आयोजन के चलते भीड़ बढ़ रही है। 57 बसें चार मार्च तक आ जाएगी। बाकी 25 बस 28 फरवरी तक वापस होंगी। फिलहाल डिपो की 30 बसें चल रही हैं। इन्हीं में से कुछ बसों के फेरे बढ़ाकर यात्रियों की परेशानी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। - विजय श्रीवास्तव, एआरएम