जौनपुर। कोरोना भले ही कम हो गया है, लेकिन अभी ट्रेनों का संचालन काफी कम हो रहा है। वहीं, शादी सीजन का दौर भी चल रहा है, जिससे रोडवेज की बसों पर दबाव बढ़ गया है। यात्री बसों से ही अपने गंतव्य तक पहुंचने को विवश हो रहे हैं, लेकिन उनको दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। घंटों इंतजार करने के बाद उन्हें बस मिल पा रही है। वहीं, बसों में भारी भीड़ होने के कारण खड़े होकर लोगों को यात्रा करनी पड़ रही है। शनिवार को भी ऐसा नजारा देखने को मिला। रोडवेज परिसर में यात्रियों की भारी भीड़ लगी रही। वे असों के आने का इंतजार करते रहे।
जौनपुर रोडवेज डिपो से कुल 83 बसों का संचालन होता है, जिसमें से छह बसें सरेंडर हैं। वहीं, 77 बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों का संचालन लखनऊ, प्रयागराज, आजमगढ़, गोरखपुर, वाराणसी और मिर्जापुर आदि स्थानों के लिए किया जा रहा है। एक ओर जहां बसें कम हैं। वहीं, शादी ब्याह का समय चलने और ट्रेनों के कम चलने से रोडवेज बसों पर दबाव बढ़ गया है। यात्री रोडवेज बसों से ही यात्रा करने को विवश हो रहे हैं, जिससे यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को दोपहर बाद भी रोडवेज डिपो परिसर में यात्रियों की भारी भीड़ रही। बस आते ही बैठने के लिए यात्री दौड़ पड़ते थे, लेकिन जब उनको पता चलता था कि वह बस उनके गंतव्य तक नहीं जाएगी तो फिर मायूस होकर वापस लौटकर बस का इंतजार करने लगते थे।
छह बसें सरेंडर हैं। शेष का संचालन किया जा रहा है। ट्रेनों के कम चलने और शादी सीजन के कारण यात्रियों की भीड़ हो रही है, लेकिन बसों के आते ही जहां के लिए अधिक यात्री हैं, वहां के लिए बसों को रवाना कर दिया जा रहा है। - विजय कुमार श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज