प्रसव के लिए तीन दिनों से अस्पताल का चक्कर लगा रही महिला ने सोमवार को सड़क किनारे मृत बच्चे को जन्म दिया। प्रसूता को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बक्शा में भर्ती कराया गया है।
उसके पति का आरोप है कि जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए 12 हजार रुपये की मांग की गई थी। रुपये का इंतजाम न होने पर वह घर चला आया था।
सोमवार को पीड़ा तेज हुई तो वह फिर पत्नी को लेकर अस्पताल जा रहा था। इसी दौरान लखनीपुर गांव के पास सड़क किनारे महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने जांच बैठा दी है।महराजगंज थाना क्षेत्र के हिलाली गांव निवासी अर्जुन कुमार पेशे से दिहाड़ी मजदूर है।
उसके मुताबिक उसकी पत्नी ऊषा देवी को दो दिन पहले प्रसव पीड़ा हुई तो पहले उसे लेकर वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदलापुर पहुंचा। वहां से डाक्टर ने उसे जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
102 एंबुलेंस से उसे महिला अस्पताल पहुंचाया गया। उसके साथ आशा कार्यकर्ता भी थी। आरोप है कि अस्पताल में एक महिला चिकित्सक ने उसकी जांच करने के बाद कहा कि केस बिगड़ चुका है। प्रसूता का आपरेशन करना होगा।
इसके लिए पहले 12 हजार रुपये जमा करने होंगे। पास में इतने रुपये न होने पर अर्जुन ने काफी अनुनय विनय किया लेकिन डाक्टरों ने नहीं सुना। विवश होकर वह पत्नी को उसी हालत में लेकर अस्पताल से घर चला गया।
सोमवार को सुबह प्रसव पीड़ा तेज हुई तो वह पत्नी को लेकर बक्शा पीएचसी जा रहा था। लखनीपुर गांव के पास पहुंचा था तभी पत्नी को तेज दर्द उठा।
सड़क पर ही उसने मृत बच्चे को जन्म दिया। यह देख मौके पर आसपास की महिलाओं की भीड़ लग गई। लोगों ने आटो रिक्शा में लादकर महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बक्शा पहुंचाया । फिलहाल महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बक्शा में भर्ती कराया गया है।