जिले में हुई बारिश ने लोगों को उमस और गर्मी से जहां राहत दी तो वहीं मुरझा रही फसलों में भी जान आ गई। शहर के निचले इलाकों में जलभराव से लोग परेशान हुए। कीचड़युक्त सड़कों से आवागमन में लोग दुश्वारियां झेलते रहे। जहां बारिश को धान के लिए मुफीद माना जा रहा है तो वही सब्जी की फसल को नुकसान होने का अंदेशा भी जताया जा रहा है।
शहर के ओलंदगंज से पालिटेक्निक चौराह, सिटी स्टेशन रोड, उर्दू बाजार, सिविल लाइन रोड, शकर मंडी आदि जगहों पर जलभराव हो गया। जबकि कीचड़ होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, टीडी कालेज के दक्षिणी गेट के सामने व शकर मंडी सड़क पर वाहन कीचड़ में फंस जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धंस जाने से जाम की स्थिति बन गई। जिससे आवागमन में लोगों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ा ।
सिकरारा : क्षेत्र में मंगलवार की सुबह हुई एक घंटे की तेज बारिश ने जहां पिछेती धान को जीवन दिया वहीं अगेती प्रजाति के धान को नुकसान भी पहुंचाया है। शेरवा निवासी विनय सिंह बताते हैं इस बारिश से आलू व चना मटर की फसल के लिए खेत तैयार करने में सहूलियत होगी फिर भी जिन किसानों ने धन की अगैती खेती की है उनकी फसल में बालियों के वजन से पौधे जमीन पकड़ लिए हैं इस लिए उपज आधी होने की संभावना है।.
कृषि विशेषज्ञ डॉ. सुरेश कुमार कनौजिया ने बताया कि बारिश अगेती सब्जी के लिए नुकसानदेह है। गोभी, धनिया, पालक, लौकी करेला में ज्यादा पानी लगने से जड़ गलन रोग लग सकता है। वहीं तैयार अवस्था में पहुंची उड़द व मूंग के लिए भी अधिक पानी नुकसान देय है जिसमें फफूंद आने की संभावना है। बाकी धान, मक्का, बाजरा के लिए बारिश फायदेमंद है।