जौनपुर। नवंबर माह में सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया लेकिन उसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। यदि यातायात माह में सड़कों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते तो हादसों में कमी आती। यातायात माह के ठीक बाद दिसंबर के शुरुआती 14 दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में 19 लोगों ने जान गंवाई, जबकि 34 लोग घायल हुए।
लखनऊ-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज, लखनऊ-बलिया, जौनपुर-मिर्जापुर आदि राजमार्ग जिले से होकर गुजरते हैं। इन मार्गों पर हर वक्त तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही रहती है। निर्माण के चलते कई जगह सड़कों पर कट हो गए हैं तो कहीं सड़क खोद कर छोड़ी गई है। जौनपुर-प्रयागराज मार्ग पर रात में सड़क किनारे ट्रकों को खड़ा करके चालक अगल-अलग ढाबे पर आराम करने लगते हैं। यह लापरवाही राहगीरों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। सड़कों पर तमाम जरूरी स्थानों पर संकेतक, ब्रेकर नहीं हैं। अवैध कट के पास भी कोई निशान नहीं है। कोहरे में ऐसी जगहों पर अक्सर हादसे होते हैं। यातायात माह में भी इन खामियों को समझने और दूर करने का प्रयास नहीं किया गया।