हफ्तेभर से जिले के आसमान में छाए बादल रविवार को मेहरबान हो गए। पूरे दिन रुक-रुक कर बरसात होती रही। इससे शहर की सड़कों की सूरत बिगड़ गई।
जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश के चलते रविवार की छुट्टी का मजा किरकिरा हो गया। मजबूरी में लोगों को घर में ही समय काटना पड़ा।
तकरीबन हफ्तेभर से मौसम ने रविवार को रुख बदला। शनिवार की रात हुई हल्की बूंदाबांदी सुबह होते ही तेज हो गई। लिहाजा रविवार को बरसात के चलते शहर की सड़कें कीचड़ से सन गईं।
कच्ची सड़कों पर चलना दूभर हो गया। 11 डिग्री तक पहुंचे तापमान के बीच रिमझिम बरसात से लोग ठिठुरने लगे। एक तो रविवार की बंदी उस पर बरसात के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।
पालीटेक्निक-कोतवाली रोड के अलावा अन्य प्रमुख मार्ग और निर्माणाधीन सड़कों पर बारिश के चलते कीचड़ ही कीचड़ हो गया। जहां-तहां दोपहिया वाहन सवार और साइकिल वाले फिसलकर गिरते भी दिखे।
इससे पूर्व रविवार को शाम छह बजे के आसपास बूंदाबांदी हुई थी। इसके बाद रात में भी जब-तब बूंदाबांदी होती रही। उधर बारिश और बदली का रुख देखकर किसान सहमे रहे। उनका कहना था कि बरसात तक तो ठीक है, ओला गिरा तो मुश्किलें बढ़ जाएगी। इससे फसलों के नुकसान होने की आशंका है।