जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन ने शोध छात्रा से छेड़खानी के आरोपी लाइब्रेरी कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। वैसे तो पूरे मामले की लीपापोती करने का विश्वविद्यालय प्रशासन ने खूब प्रयास किया। लेकिन अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकें। छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कहीं तो पूविवि प्रशासन के होश उड़ गए।
तीन दिन पहले एक शोध छात्रा किसी कार्य से विश्वविद्यालय परिसर स्थित केंद्रीय पुस्तकालय में गई थी। आरोप है कि लाइब्रेरी में सन्नाटे का फायदा उठाते हुए अवधेश कुमार नामक कर्मचारी ने उसके साथ छेड़खानी किया। छात्रा के शोर मचाने पर कई कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड पहुंच गए। कर्मचारी की इस हरकत से छात्रा दुखी हुई उसने विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुंचाया। अधिकारियों ने मामला रफा दफा करने की कोशिशें शुरू कर दीं। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ कर्मचारीयों ने भी छात्रा को इज्जत का हवाला देकर खामोश करने का प्रयास किया लेकिन कर्मचारी की घिनौनी करतूत से गुस्साई छात्रा ने किसी की एक नहीं सुनी। उसने कुलपति प्रो. राजाराम यादव और कुलसचिव सुजीत जायसवाल से लिखित शिकायत की। विभागीय गोपनीय जांच के बाद कुलसचिव ने बुधवार की शाम आरोपित कर्मचारी अवधेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। लेकिन हैरानी की बात है की मात्र निलंबन की कार्यवाही से ही अवधेश को क्यों छोड़ दिया गया। दोषी पाए जाने पर मामले को पुलिस को क्यों नहीं सौंपा गया। पूविवि में यह कोई पहला मामला नहीं है। यहां इस तरह की घटनाओं को ऐसे ही दबा दिया जाता है। कई छात्र संगठन इस मामले को लेकर आक्रोशित है और पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहे है।