उमस भरी गर्मी और धूप के बीच दोपहर होते-होते जिले के विभिन्न इलाकों में रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इस बीच कहीं तेज तो कहीं झमाझम बारिश होने से खेतों में रौनक लौट आई। सड़कों पर जलजमाव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। न्यूनतम तापमान 26, जबकि अधिकतम 31 डिग्री सेल्सियस रहा।
जौनपुर शहर में दोपहर करीब एक बजे बारिश का सिलसिला शुरू हुआ तो करीब तीन बजे तक चला। एक घंटे तक अच्छी बारिश हुई। बाद में बारिश खुली भले, लेकिन आसमान में बादल छाए रहे। बीच-बीच में बूंदाबांदी और हवा चलने से मौसम सामान्य रहा। बारिश के कारण शहर के कालीकुत्ती रूहट्ठा संपर्क मार्ग पर सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क धंस गई। पैदल चलना दुश्वार हो गया। वहीं शकरमंडी, जोगियापुर, तारापुर इदगाह मार्ग, उमरपुर आदि जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया। पॉलिटेक्निक चौराहे से होकर मड़ियाहूं जाने वाला मार्ग गड्ढे में तब्दील है। यहां बारिश का पानी जमा होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
शुरुआती बारिश से बढ़ती है खेतों की उर्वरा शक्ति
कृषि विज्ञान केंद्र अमिहित के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संदीप कुमार ने बताया है मानसून की पहली बारिश जहां धान की नर्सरी समेत अन्य फसलों में संजीवनी का काम करेगी। वहीं खेतों की उर्वरा शक्ति भी बढ़ाएगी। कहा कि जो किसान गेहूं काटने के बाद अभी तक खेतों को की जुताई नहीं किए वे किसान शीघ्र ही जुताई करा दें। इससे बारिश का पानी खेतों में रुकेगा। शुरुआती बारिश में नाइट्रोजन की मात्रा अधिक रहती। कहा कि किसान अब ज्वार, बाजारा, मक्का, उड़द, तिल, छिटकवां धान आदि की बोआई कर सकते हैं।
बीस मिनट की बारिश में लबालब हो गई सड़क
मीरगंज। महज बीस मिनट की बारिश में ही बंधवा बाजार में भटहर जाने वाले रास्ते पर भारी जलजमाव हो गया। जलनिकासी की नाली जाम होने से लोग परेशान हुए। बंधवा बाजार में भटहर जाने वाले मार्ग पर निर्माण होने के बाद बसुही नदी की तरफ पानी निकालने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन आगे कुछ लोगों द्वारा निर्माण कर लेने के बाद नाली जाम हो गई।