मछलीशहर। मछलीशहर–जंघई–दुर्गागंज–भदोही–कपसेठी–वाराणसी हाईवे निर्माण के बीच कस्बे को जाम और सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए नए बाईपास के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। अधिकारियों ने मछलीशहर के दक्षिण दिशा से एनएच-731बी को एनएच-31 से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय मार्ग खंड, मिर्जापुर के अधिशासी अभियंता मृत्युंजय सिंह यादव ने सिंचाई विभाग, जौनपुर को पत्र भेजकर जमीन से संबंधित जरूरी विवरण मांगा है।
एनएच-731बी के चेनेज 0.000 से 49.200 तक ईपीसी मोड में टू-लेन विद पेव्ड शोल्डर का निर्माण अंतिम चरण में है। हाल में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एडीजी और लखनऊ के मुख्य अभियंता ने मार्ग का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में मछलीशहर कस्बे के भीतर सड़क पर 90 डिग्री का मोड़ और आसपास घनी आबादी व दुकानें मिलीं। इससे भविष्य में जाम और गंभीर हादसों की आशंका जताई गई।
नहर की जमीन का ब्योरा मिलने पर आगे बढ़ेगा प्रस्ताव
बाईपास निर्माण के लिए ताजुद्दीनपुर से पुराफगुई तक गई नहर की पटरी का इस्तेमाल करने की योजना है। इसके लिए सिंचाई विभाग से नहर के क्रॉस सेक्शन, कैनाल बाउंड्री और कैनाल लैंड की जानकारी मांगी गई है। पत्र में एनएच-731बी के चेनेज 1.452 पर स्थित कस्बा घिसुआ खास (पुराफगुई) की नहर से संबंधित विवरण तत्काल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। अवर अभियंता ओपी प्रसाद ने बताया कि सिंचाई विभाग से जानकारी अभी नहीं मिली है। जानकारी मिलते ही बाईपास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।