नेवढिय़ा। स्थानीय थाना क्षेत्र के नेवढिय़ा इंटर कॉलेज में गुरुवार को सुबह पीपल के पेड़ के नीचे दबने से खक्षा छह की छात्रा श्वेता कि मौत के मामले में पुलिस ने प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मृतका के पिता की तहरीर पर की है। पुलिस को दी गई तहरीर में मृत छात्रा के पिता मिठाईलाल पटेल ने प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाया है। मिठाईलाल के साथ ब्लाक प्रमुख अरविंद सिंह मखड़ू समेत पचास से अधिक की संख्या में लोग थाने पहुंचे थे। मिठाईलाल की ओर से दी गई तहरीर में प्रबंधक के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। जबकि प्रधानाचार्य रामअछैवर तिवारी को नामजद दिया गया है। पुलिस को दी गई तहरीर में मिठाईलाल ने कहा है कि प्रबंधक और प्रधानाचार्य की लापरवारी के चलते बेटी श्वेता की मौत हुई है। आरोप है कि प्रधानाचार्य और प्रबंधक को अच्छी तरह पता था कि पुराना पीपल का पेड़ जर्जर हो चुका है। फिर भी पेड़ के नीचे बच्चों की कक्षा चल रही थी। उधर हादसे में घायल अन्य छात्रों व शिक्षक का अभी भी इलाज चल रहा है। सीओ अवधेश शुक्ला ने बताया कि नेवढिय़ा इंटर कालेज में पीपल का पेड़ गिरने से छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने प्रबंधक और प्रधानाचार्य अछैवर तिवारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 304ए के तहत केस दर्ज कर लिया है।
नेवढिय़ा इंटर कॉलेज में पसरा रहा सन्नाटा
नेवढिय़ा। पीपल का पेड़ गिरने से छात्रा की मौत और शिक्षक समेत सात छात्रों के घायल होने की घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को नेवढिय़ा इंटर कॉलेज में सन्नाटा पसरा रहा । दूसरे दिन स्कूल नहीं खुला। अलबत्ता लोग घटना स्थल को देखने के लिए विद्यालय परिसर में जरूर पहुंच रहे थे। इलाके में पूरे दिन गुरुवार के हादसे की ही चर्चा होती रही। बाजार में भी रोज जैसी चहल पहल नहीं रही। लोगों का मानना है कि स्कूल प्रशासन कमरों में बिजली और पंखे की व्यवस्था की होती तो पेड़ के नीचे छात्रों को बैठाकर पढ़ाने की नौबत न आती। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि पहले कालेज की दशा अच्छी थी। लेकिन करीब दस साल पहले जब प्रबंधकीय विवाद शुरू हुआ तभी से स्कूल की माली दशा निरंतर खराब होती गई और आज यह स्थिति आ गई कि छात्रों को जान को जोखिम में डालकर पढ़ाई करना पड़ रहा है।