जौनपुर। जौनपुर का जरायम से पुराना नाता है। हत्या, लूट, रंगदारी वसूली जैसे जघन्य वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों और उनके संरक्षणदाताओं की लंबी फेहरिस्त है। जिले का आम आदमी भी ऐसे कई नामों को जानता है, जिनके जिक्र मात्र से दहशत कायम हो जाती है। पर पुलिस उनके नाम ही नहीं जानती है। पुलिस की टाप टेन अपराधियों के सूची में ऐसे कुख्तात अपराधियों के नाम ही नहीं है। सूची में कुछ ऐसे नाम जरूर हैं, जिनको महीने भर पहले तक कोई नहीं जानता था।
कानपुर के बिकरू में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद शासन ने प्रत्येक जिले में ऐसे बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिनकी छवि माफिया या गैंगस्टर की है। ऐसे लोगों को नजर में रखने को कहा गया है, जो गिरोह बनाकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। इनके नेटवर्क को ध्वस्त करने को कहा गया है। निर्देश मिलते ही पुलिस सक्रिय भी हो गई है। प्रत्येक थानों में आपराधिक घटनाओं में दर्ज केस का पूरा ब्योरा मंगाकर जिले के टॉप-10 बदमाशों की सूची बनाई गई है। इस सूची में कुछ चर्चित नाम हैं, जिन पर गंभीर मुकदमे भी दर्ज हैं। इस सूची में कई नाम ऐसे भी हैं, जिन पर हाल ही में केस दर्ज हुए और फिर उन्हें गैंगेस्टर में निरुद्ध किया गया। ऐसे तमाम अपराधी हैं, जिनका जिक्र तक सूची में नहीं है। पुलिस का तर्क है कि वर्तमान में सक्रिय अपराधियों का नाम ही सूची में दिया गया है।
ये हैं दस नंबरी
1. रवींद्र निषाद: कोतवाली
2. रवि गिरी: लाइन बाजार
4. निखिल सिंह: बक्शा
5. मुन्ने रजा: कोतवाली
6. अश्वनी सिंह: जलालपुर
7. मुन्न उर्फ मुन्ना: शाहगंज
8. सचिन बिंद: मछलीशहर
9. आशुतोष उर्फ रवि यादव: महराजगंज
10. शमसुद्दीन: शाहगंज
टॉप-10 अपराधियों की सूची समय-समय पर बदलती रहती है। इसमें यह ध्यान रखा जाता है कि वर्तमान में किसकी अपराध में सक्रियता ज्यादा है। यह सूची भी इसी आधार पर बनाई गई है। भविष्य में कोई नया अपराधी सक्रिय होता है तो उसे किसी नाम को हटाकर उसे टॉप-10 में रखा जा सकता है। -डॉ. संजय कुमार, एएसपी सिटी।