जौनपुर। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए जौनपुर की अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने रामपुर थाना क्षेत्र के निवासी पंकज गौतम को दोषी करार देते हुए 22 वर्ष के कारावास और 51 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। रामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत वादी ने आरोपी पंकज गौतम के खिलाफ अपनी तहरीर में पीड़िता के साथ दुराचार करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ-साथ मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए। पुलिस द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र (केस डायरी) दाखिल किए जाने के बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। सरकारी अधिवक्ता एवं बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने और पत्रावली में उपलब्ध पुख्ता वैज्ञानिक व अन्य साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, न्यायालय ने पंकज गौतम को दुष्कर्म का दोषी पाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराधों में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है, जिसके तहत दोषी को 22 साल जेल और भारी जुर्माने की सजा से दंडित किया गया।