जौनपुर। प्रदेश स्तर पर हर महीने होने वाली सीएम डैश बोर्ड की समीक्षा में जिले के छह विभागों की रैंकिंग बीते चार महीने से खराब है। जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में भी हर महीने इसकी समीक्षा की जाती है। इसके बावजूद कुछ विभागों की कार्यशैली में सुधार नहीं हो रहा है। रैंकिंग खराब होने के कारण जिले की छवि पर दाग लग रहा है। जिले में चल रहीं विकास परियोजनाओं की हर महीने समीक्षा की जाती है। जिले के अलावा प्रदेश स्तर से इन कामों की निगरानी और प्रगति की जानकारी के लिए सीएम डैश बोर्ड बनाया गया है। सीएम डैश बोर्ड पोर्टल पर समीक्षा के सभी जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। बीते चार महीनों में जिले के छह विभागों की रैंकिंग में कोई सुधार देखने को नहीं हुआ है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए), जिला पंचायती राज विभाग, पशुपालन विभाग, सेतु निगम और जल निगम ग्रामीण की स्थिति बहुत खराब है। यही हाल कौशल विकास मिशन का है। रैंकिंग के मुताबिक जिले में युवाओं को कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण देने में लापरवाही बरती जा रही है। इन विभागों की ओर से चलाई जा रहीं परियोजनाओं की खराब प्रगति के कारण रैंकिंग में सुधार नहीं हो रहा है।