जौनपुर के सिकरारा के जमुआ गांव में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते राज्यपाल राम नाइक।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि रामकथा अमृत जैसी है। राम के अनुयायी भारत ही नहीं पूरे विश्व में हैं। जो श्रीराम कथा को बड़े ही प्रेम से सुनते हैं। अनपढ़ तथा विद्वान भी अपने जीवन में श्रीराम का अनुकरण कर महान बन सकते हैं।
वे सोमवार को मड़ियाहूं क्षेत्र के जमुआ गांव में राजेश केशरी यादव के घर पर नौ दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन आयोजित समारोह में बोल रहे थे। रामकथा का आयोजन राजेश के पिता केशरी यादव की पुण्यतिथि पर किया गया है।
उन्होंने कहा कि सोने की लंका पर विजय करने के बाद भी श्रीराम को अपनी जन्मभूमि अयोध्या पसंद आई, क्याेंकि जन्मभूमि स्वर्ग से भी अधिक सुखदायी होती है। उन्होंने कहा कि आदमी को जाति, धर्म, समाज को एकता के बंधन में रखकर प्रेम के साथ रहना चाहिए। मुंबई के विधायक हेमेंद्र मेहता ने केशरी यादव के जीवन पर प्रकाश डाला।
कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव ने उनका स्वागत किया। आभार प्रकाश विधायक सीमा द्विवेदी और संचालन साहब लाल यादव ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ। इस अवसर पर पूविवि के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन, आयुक्त वाराणसी मंडल नितिन रमेश गोकर्ण, उपपुलिस महा निरीक्षक बृजभूषण मौर्य, डीएम भानुचन्द्र गोस्वामी, एसपी अतुल सक्सेना आदि रहे।