पोस्टमार्टम के 36 घंटे बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक न करना भी मामले में लीपापोती की कोशिश को उजागर करता है, मगर सपा ऐसा होने नहीं देगी। इस मामले को सदन में उठाया जाएगा। किशन यादव की मृत्यु नहीं, वह शहीद हुआ है।
सरकार से मांग करते हैं कि परिवारवालों को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देते हुए पूरे मामले की हाईकोर्ट के जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रतिनिधिमंडल में शाहगंज विधायक व पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, मछलीशहर विधायक व पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर, मल्हनी विधायक लकी यादव, जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव, पूर्व सांसद तूफानी सरोज आदि शामिल रहे।