जौनपुर। रमजान माह पहले दिन बड़ी संख्या में मुसलमानों ने विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा की। नमाज के बाद ऐतिहासिक शाही अटाला मस्जिद में संबोधित करते हुए मौलाना आफाक ने कहा कि रोजा इंसान को अच्छाई की तरफ ले जाता है। इमाम ए जुमा शाही अटाला मस्जिद के मौलाना अब्दुर रहीम ने कहा कि रोजा रखने का मतलब सिर्फ भूखे प्यासे रहना नहीं है। रोजेदार के लिए यह जरूरी है कि वह अपनी आंख, अपनी जुबान और कानों का भी रोजा रखे। किसी की तरफ गलत निगाह न डाले और न ही किसी को तकलीफ पहुंचाएं। शाही जामा मस्जिद (बड़ी मस्जिद )में मौलाना अबू हुरैरा ने मुल्ला टोला ने जुमे की नमाज अदा कराई। उन्होंने बताया की रोजेदारों को चाहिए कि वह अपने पड़ोसियों, रिश्तेदारों में उन लोगों का भी ख्याल रखें जो कि गरीबी की वजह से रमजान में परेशान नजर आते है। शाही पुल स्थित शेर मस्जिद के कारी इश्तेयाक जिया जौनपुरी ने जुमे की नमाज अदा कराई। उन्होंने कहा कि गरीब की मदद करना हम पर लाजिम है। रोजा खास अल्लाह के लिए रखा जाता है। इसका बदला इंसान को अल्लाह ही देगा। खानकाह रशिदिया मीरमस्त में मौलाना मेराज ने जुमे की नमाज अदा कराई। मदीना मस्जिद नवाब साहब का हाता में मौलाना कयामुद्दीन ने नमाज अदा कराई। उन्होनें कहा कि रमजान के तीस दिन हमें तमाम बुराइयों को छोड़ कर खुदा के हुक्म के मुताबिक जीवन व्यतीत करना चाहिए। इसके अलावा शहर की शाही कि़ला मस्जिद, शाही झंझरी मस्जिद, शाही लाल दरवाजा मस्जिद, आलम मस्जिद, सब्जी मण्डी मस्जिद, आया मस्जिद, आलम मस्जिद, जकरिया मस्जिद, गौशाला मस्जिद, मोहम्मद हसन मस्जिद,चहारसु मस्जिद समेत सभी जुमा मस्जिदों मे अलग अलग व.क्त पर नमाज अदा की गई। इस मौके पर मरकजी सीरत कमेटी के अध्यक्ष हफीज शाह ने कमेटी के साथ मस्जिदों में तैयारियों की जानकारी ली।