इबादतों का महीना रमजान शुरू हो गया। पहला रोजा मंगलवार को होगा। सोमवार को चांद दिखते ही अकीदत के साथ लोगों ने अल्लाह की इबादत शुरू कर दी। बाजारों में चहल पहल बढ़ गई है। शिया धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने बताया कि चांद दिख्ा गया है।
साथ ही शाही ईदगाह के पेश इमाम जफर अहमद सिद्दिकी ने कहा कि चांद हो गया है। सुबह सहरी से लेकर सूर्यास्त तक कुछ खाने-पीने, बुराई से परहेज और अल्लाह की इबादत का नाम रोजा है। सोमवार की शाम फलक पर चांद नमूदार होते ही नमाजियों के चेहरे पर खुशी देखी गई।
माहे रमजान का चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह शुरू हो गई। गुरैनी मदरस, मछली शहर, मडियाहूं, रन्नो, खेतासराय, शाहगंज, केराकत, बदलापुर आदि इलाकों की मस्जिद और मदरसों से भी रमजान शुरू होने का ऐलान किया गया।
रोजा शुरू होने के साथ ही मस्जिदों की रौनक बढ़ गई। मस्जिदों की साफ-सफाई और रंगरोगन का काम पहले ही कर लिया गया है। तरावीह पढ़कर रोजेदारों ने अल्लाह से अमन की दुआ की। पुरुषों ने मस्जिदों में तो महिलाओं ने घर में नमाज पढ़ी।
शिया और सुन्नी के पेश इमाम ने बताया कि रमजान का चांद दिखने के बाद मंगलवार से रोजा रखने का ऐलान कर दिया गया है। रमजान के चांद को लेकर सुबह से ही लोगों में उत्सुकता देखी गई। पहले से ही लोगों को इस बात का पूरा भरोसा था कि आज रमजान का चांद जरूर होगा। चांद होते ही बाजार में चहल पहल बढ़ गई। खजूर, मेवा, सेवईं, दूधफेनी, बिस्किट, पापड़ आदि की खरीदारी तेज हो गई है।