सिपाह मोहल्ला स्थित जामिया मोमिना लिल बनात के उर्दू हॉल में रविवार को शायर रहबर जौनपुरी की याद में काव्य गोष्ठी हुई। इसमेंे पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।
गोष्ठी का शुभारंभ हाफिज अब्बास की तेलावत से हुआ। पैंगंबर मोहम्मद साहब की शान में नाते पाक का नजराना पेश किया गया। मजहर आसिफ ने कहा कि रहबर जौनपुरी ने उर्दू के लिए आजीवन काम किया। अहमद निसार ने कहा आप दुनिया को बदलने की हिमाकत न करें। खुद को बदलिए यही बेहतर होगा। अहमद निसार जौनपुरी ने कहा उसी को छोड़ दिया खानदान वालों ने बहुत गुरूर जिसे अपने खानदान पे था। अकरम जौनपुरी ने अपने शेर से गोष्ठी को ऊंचाई दी।
मजहर आसिफ ने कहा कि खुद पसंदी से कोई बात कहां बनती है, मौत से कम नहीं ये चीज शराफत के लिए। अंसार जौनपुरी, शजर जौनपुरी, शहजाद जौनपुरी, मोनिस जौनपुरी, असीम मछलीशहरी, नातिक गाजीपुरी, हसन फतेहपुरी, कारी जिया जौनपुरी ने भी कलाम पढ़े। सदारत उस्ताद शायर इबरत मछलीशहरी ने की। निजामत मजहर आसिफ ने किया। आयोजक डॉ. अबू अकरम कासमी रहे।